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केजरीवाल ने विधानसभा में कहा - "सरेआम विधायक खरीद रहे हो, मेरा एक भी MLA नहीं बिका"

बीजेपी ने कहा - "ये शराब नीति और शिक्षा घोटालों से ध्यान हटाने के लिए कर रहे हैं"

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29 अगस्त 2022 (अपडेटेड: 29 अगस्त 2022, 02:16 PM IST)
Arvind Kejriwal Confidence Motion in Delhi Assembly
दिल्ली विधानसभा में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया. (तस्वीर- ट्विटर)
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BJP से चल रही खटपट के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने सोमवार, 29 अगस्त को विधानसभा में विश्वास मत प्रस्ताव (Confidence Motion) पेश किया है. इस दौरान उन्होंने BJP पर जमकर हमला बोला. अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की शराब नीति (Delhi's Excise Policy) से लेकर महंगाई तक कई मुद्दों पर BJP को घेरा. विधानसभा के विशेष सत्र में अरविंद केजरीवाल ने कहा,

"ये बड़े दुख की बात है कि आज इतने अहम विषय पर चर्चा होनी है और विपक्ष गैर जिम्मेदाराना रवैया रख रहा है. वो चर्चा करना ही नहीं चाहते, केवल ड्रामेबाजी करना चाहते हैं. लोग देख रहे होंगे कि ये लोग बात ही नहीं करते, नौटंकी करते हैं. आज पूरे देश के लोग महंगाई से बहुत परेशान हैं, उनके घर नहीं चल रहे. बहुत से लोगों ने एक टाइम की सब्जी लेना कम कर दी, दूध लेना कम कर दिया. लोगों से पूछते हैं तो बहुत से लोगों को लगता है कि महंगाई अपने आप हो रही है, जबकि महंगाई अपनेआप नहीं हो रही इन लोगों ने टैक्स लगाया है, इस वजह से हो रही है."

केजरीवाल ने आगे कहा,

“इन्होंने दही पर टैक्स लगा दिया. लस्सी, छाछ, गेहूं, चावल पर टैक्स लगा दिया. इन पर तो अंग्रेजों ने भी टैक्स नहीं लगाया था. मेरे गुजरात के दोस्त बता रहे थे कि इन्होंने तो गरबा डांस पर भी टैक्स लगा दिया, देवी के सामने गरबा डांस होता है, उनको भी नहीं छोड़ा. टैक्स लगाने से अरबों, खरबों रुपये इनके पास आ रहे हैं. ये पैसा जा कहां रहा है? उनके कुछ खरबपति दोस्त हैं. उन्होंने बैंकों से हजारों करोड़ रुपये के कर्ज लिए. कर्ज लेने के बाद इनके दोस्तों की नीयत खराब हो गई. उनके पास कर्ज लौटाने के पैसे हैं, लेकिन नीयत खराब हो गई. उन्होंने इनको बोला कि हमारे बैंकों के कर्ज माफ करा दो, इन्होंने माफ करा दिए. 10 लाख करोड़ रुपये के कर्जे माफ किए.”

आम आदमी पार्टी के संयोजक ने कहा कि किसान दर-दर की ठोकर खा रहा है, लेकिन केंद्र सरकार उसका कर्ज माफ नहीं करती. उन्होंने दावा किया कि अगर केंद्र अपने 'दोस्तों' के कर्ज माफ करना बंद कर दे तो महंगाई कम हो सकती है. बोले कि ये सरकार स्कूल, अस्पताल वगैरह नहीं बना रही, बल्कि अपने खरबपति दोस्तों के कर्जे माफ कर रही है. सीएम ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर भी 'अनाप-शनाप टैक्स' लगा रखा है, जिसका सारा पैसा 'ऑपरेशन लोटस' में जाता है. ऑपरेशन लोटस का मतलब बताते हुए उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों में ‘विधायकों को तोड़ो, खरीदो और अपनी सरकार बनाओ’ - केजरीवाल के मुताबिक यही ऑपरेशन लोटस था.

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि BJP का प्लान AAP के 40 विधायकों को तोड़ना था. उन्होंने ये दावा भी किया कि BJP ने पिछले कुछ सालों में 277 विधायक खरीदे हैं. हरेक विधायक को 20 करोड़ के हिसाब से खरीदा गया, इस तरह BJP ने ‘6300 करोड़ रुपये’ खर्च किए. केजरीवाल ने कहा,

"ये अब तक की सबसे भ्रष्ट केंद्र सरकार है. सरेआम विधायक खरीद रहे हो और कह रहे हो भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहा हूं. आज हम विश्वास मत लेकर आए हैं. लोग पूछ रहे हैं कि इसकी क्या जरूरत है... इसकी जरूरत है, क्योंकि ये दिखाना है कि आम आदमी पार्टी का कोई विधायक-मंत्री बिकाऊ नहीं है. कट्टर ईमानदार है. विश्वास मत में हम दिखाएंगे कि एक भी विधायक नहीं बिका. चैलेंज करता हूं कि एक भी विधायक तोड़ कर दिखा दो."

इसके बाद केजरीवाल ने विधानसभा में विश्वास मत पेश कर दिया.

BJP का पलटवार

अरविंद केजरीवाल के इस कदम पर BJP ने पलटवार किया है. पार्टी के नेता और BJP आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने ट्विटर पर लिखा,

"दिल्ली विधानसभा में विश्वास मत लाने को किसने कहा था? किसी ने नहीं. ये शराब नीति और शिक्षा घोटालों से ध्यान हटाने के लिए जानबूझकर उठाया गया कदम है, कि कैसे भी करके सच छिपाओ. केजरीवाल सरकार को कोई खतरा नहीं है. सवाल ये है- क्या मीडिया नरम पड़ेगा या विज्ञापन के पैसे के दबाव में कमजोर पड़ जाएगा?"

वहीं BJP सांसद परवेश वर्मा ने कहा,

"केजरीवाल मीडिया के लिए कॉन्फिडेंस मोशन का ड्रामा कर रहे हैं ताकि लिकर स्कैम की हैडलाइंस बदली जा सकें. क्या मीडिया भी एक घोटालेबाज के साथ जाएगा या उसकी मौकापरस्ती सामने लाएगा? उनकी कोई क्रेडिबिलिटी नहीं बची है, लेकिन मुझे यकीन है मीडिया की बची है."
 

इसके अलावा परवेश वर्मा ने दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर शराब पॉलिसी बनाने में घोटाला करने के आरोप को दोहराया. उन्होंने AAP सरकार के स्कूल बनाने के दावे पर भी सवाल उठाए. परवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली सरकार ने 500 स्कूलों की जगह टॉयलेट बनाए और उन्हें क्लासरूम बता दिया.

मनीष सिसोदिया और दिल्ली सरकार पर खतरे को लेकर अरविंद केजरीवाल राजघाट पहुंचे तो क्या हुआ?

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