दिल्ली: एक नाम पर कनफ्यूज हुए गैंगस्टर गलत घर में घुसे और 3 को गोली मार दी, 2 की मौत
दिल्ली के बक्करवाला इलाके की घटना है. अब पता चला है कि इन तीनों में से एक भी वो व्यक्ति नहीं था जिसे हमलावर मारने आए थे.

दिल्ली के बाहरी इलाके बक्करवाला में तीन लोगों को गोली मारने की घटना के मामले में दिलचस्प जानकारी आई है. ऐसा बताया गया है कि अज्ञात हमलावरों ने किसी कनफ्यूजन में घर में घुसकर तीनों पीड़ितों पर गोलियां बरसा दी थीं. बीती 22 अगस्त को हुई इस घटना में जोगिंदर कुमार और मंगल राम नाम के दो पीड़ितों की मौत हो गई थी. तीसरे पीड़ित मोहन लाल का अभी एक अस्पताल में इलाज चल रहा है. हत्या के आरोपी अभी तक फरार हैं. इस बीच पुलिस कह रही है कि वे किसी और को निशाना बनाने आए थे, लेकिन कनफ्यूजन में गलत में घर घुस गए और किसी और पर गोलियां बरसा दीं.
Double Murder in Delhi's Bakkarwalaवारदात के समय 41 वर्षीय जोगिंदर अपने पुराने घर में थे. उनके साथ 60 वर्षीय मंगल और 62 वर्षीय मोहन एक कमरे में मौजूद थे. हमलावरों ने बाकायदा उन्हें दौड़ाकर गोलियां मारीं. अभी तक एक भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. इस बीच पुलिस ने कहा है कि वे सतीश नाम के किसी व्यक्ति को मारने आए थे.
दी इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली पुलिस के डीसीपी (आउटर) समीर शर्मा ने बताया,
"जोगिंदर के घर और गली से खाली कारतूस मिले थे. कुल 9 कारतूस रिकवर हुए थे. सीसीटीवी फुटेज में दो आदमी रात 9 बजे एरिया में आते दिखे हैं. एक हमलावर ने काले रंग की कैप पहन रखी थी और दूसरे ने मफलर डाला हुआ था. वे घर में घुसे और एक कमरे में बैठे 3 लोगों पर गोलियां चला दीं. मोहन लाल अपनी जान बचाने के लिए भागे, बाकी दो की मौके पर ही मौत हो गई थी. 2-3 मिनट में हमलावर वापस मेन रोड की तरफ भागते दिखे."
डीसीपी ने आगे बताया,
"जांच के दौरान हमें पता चला कि पिछले महीने एक दूसरे स्थानीय व्यक्ति को एक गैंग से जबरन वसूली और जान से मारने की धमकी के कॉल्स आते थे. हमलावर इसी गैंग से जुड़े हैं. उनका टारगेट वो लोकल व्यक्ति था, लेकिन उन्होंने पीड़ितों पर ये सोचकर गोली चला दी कि उनमें से कोई एक वही है."
रिपोर्ट के मुताबिक जोगिंदर का गारमेंट का बिजनेस था. मंगल राम टेंट का बिजनेस करते थे. वहीं मोहन ई-रिक्शा ड्राइवर थे. वो इस हमले में किसी तरह बचकर घर पहुंचे. वहां से उनका बेटा उन्हें अस्पताल ले गया. घटना को याद करते हुए मोहन बताते हैं कि वो और मंगल जोगिंदर के घर में थे, तभी वहां आए दो आदमियों ने सतीश नाम के व्यक्ति के बारे में पूछा. मोहन ने बताया,
"उनके ये पूछने पर जोगिंदर ने अपने मृत पिता की तस्वीर की तरफ उंगली दिखाई जिनका नाम सतीश था. इसके बाद हमलावरों ने हथियार निकाले और फायर कर दिया. जोगिंदर और मंगल वहीं गिर गए."
इंडिया टुडे से जुड़े अरविंद ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक इस हत्याकांड के पीछे अंकेश नाम के बदमाश का हाथ हो सकता है. वो फिलहाल मंडोली जेल में है. लेकिन बताते हैं कि अंकेश वहीं से अपना गैंग ऑपरेट करता है. उस पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. उसी ने अपने बदमाशों से सतीश नाम के शख्स के यहां धमकी भरी कॉल्स करवाईं और बाद में उसे मारने के लिए शूटर भेजे. लेकिन हमलावर गलती से जोगिंदर के घर में घुस गए. वहां सतीश सुनकर जैसे ही जोगिंदर ने अपने पिता की तस्वीर की तरफ इशारा किया, हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं.
पुलिस ने बताया है कि ये हमलावर अमित गुप्ता नाम के एक रियल एस्टेट व्यापारी को गोली मारने की घटना में भी शामिल हो सकते हैं. ये घटना भी इसी हफ्ते मंगलवार 23 अगस्त को दिल्ली के बुराड़ी इलाके में हुई थी. इस मामले में हत्या की कोशिश का केस दर्ज किया गया है. वहीं बुक्करवाला वाली घटना को लेकर हत्या, हत्या की कोशिश, आपराधिक साजिश और आर्म्स ऐक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है. आरोपियों की तलाश की जा रही है.
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