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Deepfake के खिलाफ सरकार का कड़ा कदम, कोई भी कर सकेगा FIR

भारत सरकार अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ FIR करने में नागरिकों की मदद करेगी. इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाने जा रहा है, जिस पर कोई भी सोशल मीडिया के IT नियमों के उल्लंघन करने के बारे में सूचना दे सकेगा.

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24 नवंबर 2023 (पब्लिश्ड: 04:26 PM IST)
Indian government will help citizens to file FIR against social media firms in IT rule violation.
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने 24 नवंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ एक बैठक की. (फोटो क्रेडिट - PTI)
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भारत सरकार अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ FIR करने में नागरिकों की मदद करेगी (FIR against social media firms). ये फैसला डीपफेक जैसे आपत्तिजनक ऑनलाइन कंटेंट के मामले में IT नियमों के उल्लंघन को देखते हुए लिया गया है.

द हिन्दू की एक रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने 24 नवंबर को बताया कि उनका मंत्रालय (MeitY) एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाने जा रहा है, जिस पर कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया के खिलाफ IT नियमों के उल्लंघन करने के बारे में सूचना दे सकेगा.

राजीव चंद्रशेखर ने कई सोशल मीडिया कंपनियों के साथ एक बैठक भी की है. इसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने बताया कि IT नियमों के उल्लंघन पर लोग आसानी से सूचना दे पाएं, इसके लिए अब MeitY उनकी मदद करेगा. साथ ही इस तरह के मामलों में FIR कराने में भी सरकार मदद करेगी.

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'IT नियमों के उल्लंघन पर जीरो टॉलरेंस'

न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार, राजीव चंद्रशेखर ने इस बारे में कहा,

"हमने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को सूचित कर दिया है कि 24 नवंबर से MeitY और भारत सरकार IT नियमों के उल्लंघन के मामले में एक रूल सेवन ऑफिसर को नामित करेगा. इसके साथ ही सभी प्लेटफॉर्म्स से अपेक्षा है कि वे नए नियमों का पूरी तरह पालन करेंगे. जहां तक नुकसान का सवाल है, इसमें डीपफेक और CSAM (Child Sexual Abuse Material - बच्चों के यौन शोषण) का कंटेंट भी शामिल है. इसके साथ ही इसमें भारत के इंटरनेट पर प्रतिबंधित बाकी कंटेंट भी शामिल है."

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केंद्रीय मंत्री चंद्रशेखर ने बताया कि आज से IT नियमों के उल्लंघन पर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाई जाएगी. ऐसे मामलों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के खिलाफ FIR की जाएगी. अगर वे आरोपी की पहचान कराने में मदद करते हैं कि किसने इस तरह का कंटेंट अपलोड किया तो उन आरोपियों के खिलाफ भी FIR दर्ज की जाएगी.

राजीव चंद्रशेखर ने ये भी बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को उनके उपयोग की शर्तों को IT नियमों के हिसाब से सही करने के लिए 7 दिनों का समय दिया गया था. 

हाल में कुछ अभिनेत्रियों के डीपफेक वीडियो वायरल होने के बाद से इस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी को लेकर लोगों और सरकार की चिंताएं बढ़ी हैं. इन अभिनेत्रियों में रश्मिका मंधाना, कैटरीना कैफ और काजोल शामिल हैं. इनके डीपफेक वीडियो वायरल होने के बाद  कार्रवाई की मांग की गई थी.

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