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हिमाचल: जिस मंत्री ने ढाबों पर नाम लिखने का दिया आदेश, कांग्रेस ने लगाई उनकी 'क्लास', कहा- नामंजूर

Himachal Pradesh: कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने हिमाचल प्रदेश में कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह से बात की है. उन्होंने उनके बयान से शुरू हुए विवाद पर पार्टी की कड़ी नाराजगी जाहिर की. उनसे लिखित जवाब देने को कहा गया है. अब सरकार ने मंत्री के फैसले पर क्या निर्णय लिया है?

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28 सितंबर 2024 (अपडेटेड: 29 सितंबर 2024, 08:48 AM IST)
congress sought explanation from minister vikramaditya singh over eatery owners id display controversy himachal
हिमाचल प्रदेश के शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह (फाइल फोटो- आजतक)
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हिमाचल प्रदेश के शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कुछ दिन पहले एक बयान में कहा था कि राज्य में सभी भोजनालयों और ढाबों के मालिकों के लिए अपना नाम-आईडी दिखाना जरूरी है (Himachal Eateries Controversy). उनके इस बयान पर खूब विवाद हुआ. अब मामले पर कांग्रेस पार्टी ने ही उनसे सफाई मांगी है. नाराज कांग्रेस नेतृत्व ने विक्रमादित्य सिंह को तलब किया है और उनसे कहा कि उनकी टिप्पणी अनुचित और अस्वीकार्य है.

इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से बताया कि कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने विक्रमादित्य सिंह से कहा कि उनके पास पार्टी की नीतियों, विचारधारा और सिद्धांतों के खिलाफ जाने का अधिकार नहीं है. वेणुगोपाल ने विक्रमादित्य सिंह के सामने उनके बयान से शुरू हुए विवाद पर पार्टी की तरफ से कड़ी नाराजगी जाहिर की. उनसे लिखित जवाब देने को कहा गया है.

मामले पर विक्रमादित्य सिंह ने सफाई दी कि मीडिया में उन्हें गलत तरीके से दिखाया गया है. बाद में उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा,

मैंने जो कुछ भी कहा वो कानून के दायरे में और हिमाचल प्रदेश के लोगों के हित में था. आज और भविष्य में भी मैं अपने राज्य के हित के लिए बोलता रहूंगा. हम हिमाचल प्रदेश के लिए लड़ते रहे हैं और आगे भी लड़ते रहेंगे.

26 सितंबर को कांग्रेस नेतृत्व ने राज्य सरकार से विक्रमादित्य सिंह के बयान से दूरी बनाने को भी कहा. इसके बाद हिमाचल प्रदेश सरकार ने शाम को एक बयान जारी कर कहा कि राज्य सरकार ने विक्रेताओं के अपने स्टॉल पर नाम डिस्प्ले अनिवार्य करने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया है.

मामले पर हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ BJP नेता जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार की प्रतिक्रिया की आलोचना करते हुए इसे सिस्टम का मजाक बताया. बोले,

अगर सरकार, एक कैबिनेट मंत्री के बयान से खुद को दूर कर रही है, तो ये प्रशासन के अंदर गंभीर मुद्दों की तरफ इशारा करता है. ऐसा लगता है कि समन्वय की कमी है. 

विक्रमादित्य सिंह ने क्या कहा था?

विक्रमादित्य सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा था,

हमने कल एक बैठक की थी. इसमें ये फैसला लिया गया कि जितने भी स्ट्रीट वेंडर्स हैं, चाहे वो कोई सामान बेच रहे हैं खासकर खाने-पीने का, लोगों ने बहुत सारी चिंताएं और आशंकाएं व्यक्त की थीं. जिस तरह से उत्तर प्रदेश में रेहड़ी-पटरी वालों के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि उनको अपना नाम-आईडी लगानी होगी, तो हमने भी इसे यहां मजबूती से लागू करने का निर्णय लिया है.

ये भी पढ़ें- हिमाचल की कांग्रेस सरकार ने ढाबों-दुकानों पर नाम लिखना अनिवार्य क्यों किया?

विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि ‘स्ट्रीट वेंडिंग कमिटी’ के जरिये सभी दुकानदारों के आईडी कार्ड बनाए जाएंगे. इस पर उनकी फोटो, उनका रजिस्ट्रेशन नंबर और सारी चीजें लिखी होंगी.

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