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कांग्रेस से निकाले गए कुलदीप बिश्नोई ने राहुल गांधी का राज खोल दिया!

किस बात पर कुलदीप ने कहा - "विदेश में पढ़े लोग यहां जीत नहीं दिला सकते हैं"

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16 जून 2022 (अपडेटेड: 16 जून 2022, 09:22 AM IST)
Kuldeep Bishnoi
कुलदीप बिश्नोई (फाइल फोटो-Twitter/@bishnoikuldeep)
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राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha Poll) में कांग्रेस (Congress) से बगावत करने वाले विधायक कुलदीप बिश्नोई (Kuldeep Bishnoi) ने कहा है कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) दबाव में फैसले लेते हैं. बिश्नोई ने कहा कि कांग्रेस खुद के पैर पर कुल्हाड़ी मारने के मोड में है. कुलदीप बिश्नोई ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग कर अपनी बगावत जाहिर की थी. जिसके कारण कांग्रेस उम्मीदवार अजय माकन के राज्यसभा जाने की संभावना खत्म हो गई. वोटिंग के अगले ही दिन 11 जून को कांग्रेस ने उन्हें पार्टी के सभी पदों से बर्खास्त कर दिया था. बिश्नोई आदमपुर से विधायक हैं.

प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाने से नाराज

पार्टी से निकाले जाने के बाद कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि कांग्रेस देश भर में लगातार गलत फैसले ले रही हैं. उन्होंने अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में कहा कि उदयभान को हरियाणा कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया जाना विनाश की तरह है. जब आप राज्य प्रमुख को चुनते हैं तो आपको एक जाना-पहचाना चेहरा चुनना चाहिए, जिसका अपना वोट बैंक हो और लोग उसे जानते हों. लेकिन यहां पार्टी अध्यक्ष बनाए जाने से पहले उदयभान कोई नहीं जानता था. अगर आप गलत नेता चुनेंगे तो कोई लड़ाई कैसे जीत सकते हैं? उदयभान को अप्रैल में हरियाणा कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया था. इसके बाद से ही बिश्नोई की नाराजगी सामने आने लगी थी. उदयभान को पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा का करीबी माना जाता है.

अजय माकन को वोट नहीं दिए जाने पर बिश्नोई ने कहा, 

"मैंने उनके लिए वोट नहीं किया क्योंकि यह इंदिरा गांधी जी और राजीव गांधी जी की कांग्रेस पार्टी नहीं है. यह हुड्डा कांग्रेस बन चुकी है. 10 जून को वोटिंग से पहले मुझे अजय माकन और पार्टी इंचार्ज विवेक बंसल का कॉल आया था. मैंने दोनों को कहा था कि मैं पार्टी के लिए वोट नहीं करूंगा. उन्होंने मुझसे कहा था कि राहुल गांधी मुझसे मुलाकात करेंगे, लेकिन ये नहीं हुआ. मैंने राहुल गांधी से कोई अप्वाइंटमेंट नहीं मांगा था."

पार्टी अध्यक्ष नहीं बनाए जाने से नाराजगी के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे किसी पद के लिए नहीं भागते हैं. बिश्नोई ने एक्सप्रेस को बताया, 

"एक दशक पहले मुझे डिप्टी सीएम का ऑफर मिला था लेकिन मैंने ठुकरा दिया था. मैं जमीन का आदमी हूं. राहुल गांधी ने मुझसे वादा किया था कि वे मुझे प्रदेश अध्यक्ष बनाएंगे. लेकिन वे अपना वादा नहीं निभा पाए. इसलिए वे मुझसे नहीं मिले क्योंकि उनके पास मेरे सवालों का कोई जवाब नहीं होता."

‘राहुल गांधी की मंडली में गलत लोग’

बिश्नोई ने आगे कहा कि राहुल गांधी की यही समस्या है कि वह अपने तीन-चार लोगों की मंडली से सलाह के बाद ही फैसला लेते हैं. उनके गलत फैसलों के कारण ही हमारी लगातार हार हो रही है. उन्होंने कहा कि उनकी मंडली बहुत खराब है जिन्हें राजनीति समझ में नहीं आती है. बिश्नोई ने बिना नाम लिए कहा कि विदेश में पढ़े लोग यहां जीत नहीं दिला सकते हैं.

पार्टी से निष्कासित किए जाने का पत्र

कांग्रेस से निकाले जाने के बाद बिश्नोई के बीजेपी में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे हैं. इस पर उन्होंने कहा कि वे अपने कार्यकर्ताओं से लगातार मिल रहे हैं और उसके बाद ही फैसला लेंगे. बिश्नोई ने कहा कि उन्हें बीजेपी, आम आदमी पार्टी और दूसरे दलों से भी ऑफर आ रहे हैं और वे एक हफ्ते के भीतर अपने फैसले की घोषणा करेंगे.

कुलदीप बिश्नोई हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के बेटे हैं. पहली बार 1998 में कांग्रेस के टिकट पर आदमपुर सीट से वे विधायक चुने गए थे. आदमपुर उनके परिवार की परंपरागत सीट रही है. वे हिसार और भिवानी से लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं. 2007 में हरियाणा जनहित कांग्रेस का गठन किया. अपने पिता के निधन के बाद 2011 में बीजेपी के साथ गठबंधन किया. लेकिन ये लंबे समय तक नहीं चला. बिश्नोई ने 2016 में अपनी पार्टी का विलय कांग्रेस के साथ कर दिया था.

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