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कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना की टीम पहुंची BJP हेडक्वार्टर, RSS डेलीगेशन से भी होगी मुलाकात

ये मीटिंग 2024 में भारत-चीन संबंधों में आई नरमी के बाद हो रही हैं. Communist Party Of China के डेलीगेशन नेतृत्व सुन हैयान कर रही थीं, जो सीपीसी के अंतरराष्ट्रीय विभाग की उप-मंत्री हैं. भारत में चीनी राजदूत जू फेइहोंग भी सीपीसी डेलीगेशन में शामिल हुए.

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Communist Party Of China Delegation Visits BJP Headquarters
सीपीसी के एक डेलीगेशन ने दिल्ली में बीजेपी नेताओं से मुलाकात की. (फोटो: X)
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अर्पित कटियार
13 जनवरी 2026 (Published: 08:50 AM IST)
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चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) के एक डेलीगेशन ने दिल्ली में बीजेपी नेताओं से मुलाकात की. ये बैठकें 2024 में भारत-चीन संबंधों में आई नरमी के बाद हो रही हैं, जब बीजिंग ने कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू किया है और दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें शुरू हो गई हैं.

बीजेपी के विदेश मामलों के प्रकोष्ठ के प्रमुख विजय चौथाईवाले ने ‘X’ पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पार्टी महासचिव अरुण सिंह के नेतृत्व में बीजेपी के एक डेलीगेशन ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) डेलीगेशन से मुलाकात की. विजय ने कहा कि मीटिंग के दौरान, दोनों पार्टियों के बीच ‘इंटर-पार्टी कम्युनिकेशन को आगे बढ़ाने पर’ विस्तार से चर्चा की गई.

इस डेलीगेशन का नेतृत्व सुन हैयान कर रही थीं, जो सीपीसी के अंतरराष्ट्रीय विभाग की उप-मंत्री हैं. इससे पहले, उन्होंने सिंगापुर में चीनी राजदूत के रूप में काम किया था. भारत में चीनी राजदूत जू फेइहोंग भी सीपीसी डेलीगेशन में शामिल हुए. 

सीपीसी और बीजेपी की आखिरी मुलाकात लगभग छह साल पहले हुई थी, लेकिन दोनों पार्टियों की बीच इसके बाद भी संपर्क बने रहे. जनवरी 2011 में, जब केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी बीजेपी अध्यक्ष थे, तब पार्टी का एक डेलीगेशन चीन गया था.

जब राहुल गांधी ने की थी सीपीसी से मुलाकात

7 अगस्त, 2008 को, तत्कालीन कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ एक MoU पर हस्ताक्षर किए थे. शी जिनपिंग भी मीटिंग में मौजूद थे, जो उस वक्त चीन के उपराष्ट्रपति थे. इसके बाद, जुलाई 2017 में, जब डोकलाम क्षेत्र में चीन और भारत के बीच विवाद हुआ था, तब राहुल गांधी ने चीनी राजदूत लूओ झाओहुई से से मुलाकात की थी.

तब बीजेपी और RSS ने सवाल उठाया था कि कांग्रेस जैसी राजनीतिक पार्टी को किसी दूसरे देश की राजनीतिक पार्टी से ‘घनिष्ठ संबंध’ क्यों रखने चाहिए? इसके अलावा भी, बीजेपी और संघ हमेशा से कांग्रेस पर चीन समर्थक रुख अपनाने का आरोप लगाती रही है.

ये भी पढ़ें: G20 में चीनी डेलिगेशन के साथ मारपीट? इस खुलासे से दिल्ली से बीजिंग तक भयंकर बवाल

छह सदस्यीय डेलीगेशन मंगलवार, 13 जनवरी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ सदस्यों से भी मुलाकात करेगा. RSS के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने द हिंदू को बताया कि यह बैठक RSS के शताब्दी वर्ष में हो रही है. इससे पहले RSS ने नागपुर में विजयदशमी के मौके पर आयोजित अपने शताब्दी समारोह में चीन के प्रतिनिधियों को नहीं बुलाया था. 

अगस्त में नई दिल्ली में आयोजित RSS प्रमुख मोहन भागवत के भाषण कार्यक्रमों में भी चीनी राजदूतों को आमंत्रित नहीं किया गया था, जिसमें कई देशों के राजदूतों ने भाग लिया था.

वहीं, कांग्रेस पार्टी के सूत्रों ने बताया कि आने वाले दिनों में सीपीसी डेलीगेशन की कांग्रेस डेलीगेशन से भी मिलने की उम्मीद है, जिसका नेतृत्व पार्टी नेता सलमान खुर्शीद कर सकते हैं.

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