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चीन में सड़कों पर उतरकर शी जिनपिंग का इस्तीफा क्यों मांगने लगे लोग?

लोगों ने ‘कम्युनिस्ट पार्टी हटाओ’ और ‘शी जिनपिंग पद छोड़ो’ जैसे नारे लगाए.

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Chinese President Xi Jinping
शंघाई में प्रदर्शन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (फोटो- ट्विटर)
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निहारिका यादव
27 नवंबर 2022 (अपडेटेड: 27 नवंबर 2022, 03:44 PM IST)
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चीन की सख्त ‘जीरो-कोविड' नीति (Zero Covid Policy) के खिलाफ 26 नवंबर की रात शंघाई शहर में भारी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया. सोशल मीडिया पर इस विरोध प्रदर्शन से जुड़े कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें चीन सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के खिलाफ नारे लगाते हुए देखा जा सकता है. 

इस प्रदर्शन की शुरुआत 25 नवंबर को चीन के उरुमकी में एक अपार्टमेंट में आग लगने से 10 लोगों की मौत और नौ लोगों के घायल होने के बाद हुई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सख्त लॉकडाउन के चलते फायरफाइटर्स को अपार्टमेंट में लगी आग के पीड़ितों तक पहुंचने में देरी हुई. इसके बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. बड़ी संख्या में चीनी नागरिक सड़कों पर उतरे.

प्रदर्शन को लेकर DW न्यूज ईस्ट एशिया के रिपोर्टर विलियम यांग ने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया. इसमें 'उरुमकी रोड' पर लोगों ने शी जिनपिंग और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. लोगों ने ‘कम्युनिस्ट पार्टी को हटाओ’, ‘कम्युनिस्ट पार्टी पद छोड़ो’ और ‘शी जिनपिंग पद छोड़ो’ जैसे नारे लगाए.

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विलियम यांग ने जो वीडियो पोस्ट किया उसमें लोग नारे लगा रहे हैं, 

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एक अन्य ट्वीट में उन्होंने ये खुलासा भी किया कि शंघाई में एक विरोध प्रदर्शन स्थल पर लोगों और पुलिस के बीच हाथापाई हुई. ट्वीट में विलियम यांग ने आगे कहा, 

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वहीं, द नेशनल के वरिष्ठ अमेरिकी संवाददाता जॉयस करम ने भी अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट किया है. करम ने लिखा, 

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इंडिया टुडे की रिपोर्टर गीता मोहन ने भी इन विरोध प्रदर्शनों पर ट्वीट कर कहा, 

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अंग्रेजी अखबार ‘द हिन्दू’ के रिपोर्टर अनंथ कृष्णन ने ट्वीट कर कहा, 

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उन्होंने आगे लिखा, 

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बता दें, चीन में कोरोना के मामले जैसे ही बढ़े तो सरकार ने कई शहरों में लॉकडाउन लगा दिया. लेकिन सख्त लॉकडाउन के बावजूद रोज दर्ज होने वाले कोरोनावायरस के मामले पिछले साल के स्तर को पार कर चुके हैं. इसके कारण कई लोग बोल रहे हैं कि ‘जीरो-कोविड नीति’ विफल हो गई है. 25 नवंबर को, चीन में कोरोना वायरस संक्रमण के 35 हजार से ज्यादा नए मामले आए थे, जो लगातार तीसरे दिन एक सबसे ज्यादा था. यही कारण है कि अब लोगों ने सड़कों पर उतर शी जिनपिंग और चीनी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है.

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