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Chandrayaan-3: अब चांद पर क्या होगा? साउथ पोल ही क्यों चुना? ISRO प्रमुख ने सब बताया

South Pole पर जब लैंडिंग सबसे कठिन है तो फिर ISRO ने वहीं Chandrayaan-3 के विक्रम लैंडर को क्यों उतारा?

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24 अगस्त 2023 (अपडेटेड: 24 अगस्त 2023, 04:41 PM IST)
Chandrayaan 3 Landing ISRO Chief Somanath Moon South Pole
विक्रम लैंडर से बाहर निकलकर प्रज्ञान रोवर चांद की सतह पर चल रहा है | फोटो: आजतक
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Chandrayaan-3 मिशन का Vikram Lander सफलतापूर्वक चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंच चुका है. लैंडर और प्रज्ञान रोवर (Pragyan Rover) दोनों ही चांद की सतह पर सक्रिय हैं. Chandrayaan-3 मिशन ISRO चीफ एस सोमनाथ की निगरानी में पूरा हुआ है. इंडिया टुडे बातचीत करते हुए उन्होंने इस मिशन के बारे में काफी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इसरो के वैज्ञानिकों ने पिछले मिशन यानी Chandrayaan-2 की असफलता से काफी सबक लिया, उससे बहुत कुछ सीखा, उस मिशन से नई जानकारियां मिलीं और फिर सुधार किया. एस सोमनाथ ने इस दौरान ये भी बताया कि प्रज्ञान रोवर अगले 14 दिन तक चांद पर क्या-क्या करेगा.

ISRO चीफ एस सोमनाथ ने कहा,

'मिशन सफलतापूर्वक पूरा हो गया है. लेकिन, अभी 14 दिन का काम और है, हमें काफी प्रयोग करने हैं. हमारे पास लैंडर पर तीन उपकरण हैं और रोवर पर दो उपकरण. अब उन सभी को चालू किया जाएगा. हमें सभी मेजरमेंट करने होंगे. इस काम में हमें 14 दिन तक लग सकते हैं. रिसर्च होगी और हमें डेटा इकट्ठा करना है और अब केवल इसी पर हमारा ध्यान केंद्रित है.'

इसरो के मुखिया आगे बोले कि ये मिशन बहुत सारे लोगों के योगदान से सफल हुआ है. इस ऐतिहासिक सफलता को सालों तक याद किया जाएगा. उनके मुताबिक इस सफलता को इसरो के संपूर्ण वैज्ञानिक समुदाय को समर्पित किया जाना चाहिए.

First Video: Rover Pragyan Rolls Out Of Chandrayaan-3 Lander Near Moon's  South Pole - Oneindia News
फोटो; ISRO

गुरुवार, 24 अगस्त को एस सोमनाथ ने समाचार एजेंसी ANI को को बताया कि विक्रम लैंडर से बाहर निकलकर प्रज्ञान रोवर चांद की सतह पर चल रहा है. और जल्द प्रज्ञान रोवर की खींची तस्वीरें और इससे जु़ड़ी जानकारी साझा की जाएगी.

साउथ पोल को ही लैंडिंग के लिए क्यों चुना गया?

इसरो प्रमुख से पूछा गया कि Chandrayaan-3 की लैंडिंग के लिए साउथ पोल यानी दक्षिणी ध्रुव को ही क्यों चुना गया? इसके जवाब में उन्होंने कहा,

''हम दक्षिणी ध्रुव के पास उतरे हैं. यहां सतह के नीचे पानी होने की संभावनाएं ज़्यादा हैं. वैज्ञानिकों ने दक्षिणी ध्रुव में काफी रुचि दिखाई है. आखिरकार इंसान चांद पर जाना चाहते हैं, बसना चाहते हैं और फिर वहां से कहीं और जाना चाहते हैं. इस लिहाज से दक्षिणी ध्रुव चांद पर सबसे अच्छी जगह है…'

इस दौरान इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने ये भी बताया कि विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर दोनों ही अच्छी हालत में हैं.

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