झारखंड चुनाव से पहले BJP में शामिल हुए 'कोल्हान के टाइगर' कहे जाने वाले चम्पाई सोरेन
कुछ दिन पहले चम्पाई सोरेन ने कहा था कि वो JMM की वर्तमान शैली से खुश नहीं है. इसलिए वो JMM की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं.
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झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और ‘कोल्हान के टाइगर’ कहे जाने वाले चम्पाई सोरेन (Champai Soren) आज, 30 अगस्त को BJP में शामिल हो गए. ये अटकलें पिछले कई हफ्तों से लग रही थीं कि वे बीजेपी में शामिल होने वाले हैं. 28 अगस्त को सोरेन ने विधायक और मंत्री पद के साथ JMM की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया था. राजधानी रांची के धुर्वा स्थित शहीद मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने BJP की सदस्यता ग्रहण की.
इस मौके पर प्रदेश प्रभारी लक्ष्मीकांत वाजपेई, प्रदेश चुनाव प्रभारी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, सह प्रभारी और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा भी मौजूद थे. साथ में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी भी थे.
सदस्यता से पहले BJP की बैठकबीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर कार्यक्रम की तस्वीरों को शेयर करते हुए लिखा,
"अलग झारखंड राज्य आंदोलन के प्रमुख नेता, पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन जी का भारतीय जनता पार्टी में हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन है. आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में झारखंड राज्य के सर्वांगीण विकास, आदिवासी समाज के उत्थान और घुसपैठ के रोकथाम में पार्टी को आपका सहयोग, सहभागिता एवं मार्गदर्शन सदैव मिलता रहेगा."
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इस्तीफे में Champai Soren ने क्या लिखा था?सोरेन ने अपने इस्तीफे में लिखा कि वो झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की वर्तमान कार्यशैली एवं नीतियों से विक्षुब्ध होकर, पार्टी छोड़ने को विवश हुए हैं. उन्होंने लिखा कि पार्टी को लेकर जो सपना उन जैसे कार्यकर्ताओं ने देखा था, जिसके लिए उन लोगों ने जंगलों, पहाड़ों एवं गांवों की खाक छानी थी, आज पार्टी उस दिशा से भटक चुकी है. उन्होंने लिखा,
“JMM मेरे लिए एक परिवार जैसा रहा. मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मुझे इसे छोड़ना पड़ेगा. लेकिन पिछले कुछ दिनों के घटनाक्रम की वजह से, मुझे बहुत ही पीड़ा के साथ ये कठिन निर्णय लेना पड़ा रहा है.”
31 जनवरी 2024 को जब ED ने हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया तो उन्होंने CM पद से इस्तीफा दे दिया. चम्पाई को झारखंड का मुख्यमंत्री बनाया गया. लेकिन फिर हेमंत को जमानत मिल गई. उनके जेल से निकलने के बाद 3 जुलाई को चम्पाई सोरेन ने CM पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें ‘अपमानित’ किया, उनके 'आत्मसम्मान को ठेस' पहुंचाया और उनसे इस्तीफा मांगा.
वीडियो: अमित शाह से मिलने के सवाल पर क्या बोले चम्पाई सोरेन?

