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पेट्रोल की कीमत में बढ़ोतरी, लेकिन ग्राहकों के लिए नहीं, सरकार ने मामला साफ कर दिया

8 अप्रैल से पेट्रोल और डीज़ल पर एक्साइज़ ड्यूटी बढ़ जाएगी.

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7 अप्रैल 2025 (अपडेटेड: 7 अप्रैल 2025, 04:55 PM IST)
Petrol diesel
सांकेतिक तस्वीर. (India Today)
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केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीज़ल पर 2 रुपये उत्पाद शुल्क (excise duty) बढ़ाने का आदेश जारी किया है. अधिसूचना में कहा गया है कि संशोधित एक्साइज़ ड्यूटी 8 अप्रैल 2025 से लागू होगी. आदेश के अनुसार, पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क ₹13 प्रति लीटर कर दिया गया है. साथ ही डीजल पर उत्पाद शुल्क ₹10 प्रति लीटर निर्धारित किया गया है.

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सरकारी आदेश

हालांकि, बढ़े हुए उत्पाद शुल्क का बोझ आम जनता पर नहीं पड़ेगा. इस बात की जानकारी पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने सोशल मीडिया साइट X दी. मंत्रालय ने लिखा-

सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों (PSU OMCs) को सूचित किया गया है कि आज उत्पाद शुल्क दरों में की गई बढ़ोतरी के बावजूद, पेट्रोल और डीज़ल के खुदरा दामों में कोई वृद्धि नहीं की जाएगी.

यानी आम लोगों के लिए फिलहाल पेट्रोल और डीज़ल के दामों में कोई बदलाव नहीं होगा. Excise Duty में की गई बढ़ोतरी की भरपाई बीते दिनों में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से की जाएगी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कच्चे तेल की कीमतें पिछले चार साल में अपने न्यूनतम स्तर पर हैं.

Brent और WTI क्रूड की कीमतें अप्रैल 2021 के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई हैं. इकॉनमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक Brent crude के दाम $2.23 (3.4%) गिरकर $63.35 प्रति बैरल पर आ गए जबकि U.S. West Texas Intermediate (WTI) के दाम $2.22 (3.58%) गिरकर $59.77 प्रति बैरल पर पहुंच गए हैं. बीते हफ्ते के दौरान, Brent में 10.9% और WTI में 10.6% की गिरावट दर्ज की गई.

भारत की बात करें तो आखिरी बार ईंधन के दाम 14 मार्च, 2024 को घटाए गए थे. यह कटौती लोकसभा चुनाव से ठीक पहले की गई थी. इससे पहले 22 मई 2022 से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ था. उस समय सरकार ने दो बार Excise duty में कटौती की थी, जिससे पेट्रोल में ₹13 प्रति लीटर, और डीजल में ₹16 प्रति लीटर की कमी हुई थी.

अब, अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट के चलते सरकार को हालिया उत्पाद शुल्क बढ़ाने के बावजूद खुदरा कीमतें स्थिर रखने स्थिति में है.

सरकार के कदम पर कांग्रेस ने निशाना साधा है. कांग्रेस ने सरकार पर मुनाफाखोरी का आरोप लगाया है. पार्टी के आधिकारिक X अकाउंट पर इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया आई.

कांग्रेस ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतें कम हैं. ऐसे समय समय में सरकार जनता को राहत दे सकती थी, लेकिन सरकार खुद ज्यादा टैक्स और ड्यूटी वसूल रही है.

वीडियो: खर्चा पानी: क्या मोदी सरकार पेट्रोल सस्ता करने वाली है? प्राइवेट तेल कंपनियों के लिए बुरी खबर!

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