'रोहिंग्या अवैध प्रवासी, भारत में बसने का अधिकार नहीं', सुप्रीम कोर्ट में बोली मोदी सरकार
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया. इसमें कहा गया, ‘भारत दुनिया की सबसे बड़ी आबादी और सीमित संसाधनों के साथ विकासशील देश है. हमें पहले अपने नागरिकों को प्राथमिकता देना जरूरी है... रोहिंग्या भारत में बसने के मौलिक अधिकार का दावा नहीं कर सकते हैं.’
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भारत में शरणार्थियों के तौर पर विदेशियों को पूरी तरह से नहीं अपनाया जा सकता है- SC (फोटो- इंडिया टुडे)
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