गणित के पर्चे के बाद मुंह वैसे भी उतरा रहता है. मने आपका पता नहीं, हमारा तो उतराही रहता था. पर इस बार जिनने सीबीएसई की बारहवीं का पर्चा दिया, उनकी आंख से आंसूचुचुआ रहे थे. लिटरली! लीनियर प्रोग्रामिंग और मैट्रिक्स के सवाल तो सरल आते हैं.आड़ा- तिरछा हिसाब-किताब बस करना होता है. उसके सवाल भी बड़े कठिन आए थे. इंग्लिश मेंलीनियर प्रोग्रामिंग और मैट्रिक्स समझ न आया हो तो जानिए हिंदी में उसको रैखिकक्रमादेशन और आव्यूह कहते हैं. टीचर्स खुद कहते हैं कि इस बार पेपर बहुत टफ आया था.एक नंबर के सवाल को सॉल्व करने में आधे घंटे लग रहे थे. 4 नंबर वाले सवाल अति केकठिन थे. गणित वाला हिसाब लगाओ तो ऐसा पेपर हल करने के लिए तीन घंटे नहीं दो दिन औरऊपर से दो घंटे और मिलने चाहिए. मम्मी- पापा लोग भी कह रहे हैं बच्चे पहले कुछअच्छे नंबर पा भी जाते थे, इस बार तो IIT लेवल के सवाल पूछ दिए. बारहवीं के बच्चेइतने हाई-फाई सवाल थोड़े न कर पाएंगे. बच्चे ऑनलाइन शिकायतें भेज रहे हैं सीबीएसई केपास. पेपर इतना टफ था कि नेता-नपाड़ी इस पर बात कर हैं. अब बोर्ड भी थोड़ा नरम पड़ाहै. उसको भी समझ आया कि कुछ ज्यादा ही हो गया. वो इस पर टीचर्स, बच्चों औरएक्सपर्ट्स से बात करेंगे और उन जवाबों के नंबर भी देंगे जिनमें हल न निकला होलेकिन उनको हल करने की सही कोशिश की गई थी.