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कोलकाता रेप-मर्डर: पूर्व प्रिंसिपल के घर CBI की रेड, वित्तीय गड़बड़ी केस में 15 ठिकानों पर सर्च जारी

Calcutta High Court ने 23 अगस्त को सुनवाई के दौरान जांच CBI को सौंप दी थी. इसी सिलसिले में अब एजेंसी RG Kar Medical College के पूर्व प्रिंसिपल Sandip Ghosh समेत कुल 15 ठिकानों पर जांच के लिए पहुंची है.

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25 अगस्त 2024 (अपडेटेड: 25 अगस्त 2024, 12:16 PM IST)
CBI raids Kolkata hospital ex-principals premises in corruption probe
इससे पहले हाई कोर्ट ने पहले ट्रेनी डॉक्टर के रेप एंड मर्डर की जांच CBI को सौंपी थी. (फ़ोटो - PTI)
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कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के रेप और मर्डर केस को लेकर आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष सवालों के घेरे में हैं. अब CBI ने भ्रष्टाचार के एक मामले में संदीप और उनके रिश्तेदारों से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की है (CBI raid at RG Kar Medical College ex-principal Sandip Ghosh's residence). एजेंसी ने 14 अन्य जगहों की भी तलाशी ली है. और अभी सर्च जारी है.  ये कार्रवाई CBI द्वारा अस्पताल में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए, मामला दर्ज करने के एक दिन बाद की गई है.

न्यूज़ एजेंसी ANI की ख़बर के मुताबिक़, CBI की एक टीम 25 अगस्त को अस्पताल में फ़ॉरेंसिक मेडिसिन और टॉक्सिकोलॉजी विभाग के डॉ. देबाशीष सोम के आवास पर भी पहुंची. इससे पहले, कलकत्ता हाई कोर्ट की एक SIT ने निजाम पैलेस स्थित CBI ऑफ़िस में मामले से जुड़े कुछ ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स जमा किए थे. इस सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए, CBI ने FIR दर्ज की और मामले की जांच में जुट गई.

CBI ने कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देश के बाद पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा गठित स्पेशल जांच टीम से जांच का जिम्मा संभाला था. कोर्ट ने अस्पताल के पूर्व डिप्टी सुपरिटेंडेंट अख्तर अली की याचिका के आधार पर CBI को जांच का आदेश दिया था. अख्तर अली ने प्रिंसिपल के रूप में घोष के कार्यकाल के दौरान वित्तीय गड़बड़ियों का आरोप लगाया था. अख्तर ने ख़ासकर डॉ देबाशीष सोम का नाम लिया था. इससे पहले, हाई कोर्ट ने ट्रेनी डॉक्टर के रेप एंड मर्डर की जांच CBI को सौंपी थी. अब भ्रष्टाचार की जांच भी केंद्रीय एजेंसी को सौंप दी गई है.

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कलकत्ता हाई कोर्ट ने जांच की स्टेटस रिपोर्ट जमा करने के लिए तीन हफ़्ते का समय दिया है. 17 सितंबर को इसे पेश किया जाना है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने रेप और मर्डर केस में स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई की थी. सुनवाई के दौरान मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कई गंभीर सवाल भी उठाए थे, साथ ही कई सख़्त टिप्पणियां भी की थीं.

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