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गरीबी पर रिपोर्ट देने वाले Oxfam पर CBI का छापा, विदेशी फंडिंग का क्या 'कनेक्शन' निकला?

अमीरों और गरीबों के बीच बढ़ती खाई पर रिपोर्ट पेश करता है Oxfam.

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CBI conducts searches at Oxfam India office FIR registered for FCRA violations
CBI की टीम ने Oxfam India के ऑफिस का 'सर्वे' किया (फोटो- ट्विटर/PTI)
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प्रशांत सिंह
20 अप्रैल 2023 (अपडेटेड: 20 अप्रैल 2023, 08:05 AM IST)
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कथित विदेशी फंडिंग के मामले में CBI ने NGO ऑक्सफैम इंडिया (Oxfam India) के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. इतना ही नहीं, CBI ने ऑक्सफैम के दिल्ली स्थित ऑफिस पर छापेमारी भी की. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑक्सफैम इंडिया पर विदेशी योगदान अधिनियम, 2010 (FCRA, 2010) के उल्लंघन का आरोप है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस महीने की शुरुआत में ही केंद्रीय गृह मंत्रालय ने Oxfam India के खिलाफ CBI जांच की सिफारिश की थी. Oxfam India के FCRA लाइसेंस के रिन्यूअल को गृह मंत्रालय ने दिसंबर, 2021 में रद्द कर दिया था. Oxfam India पर आरोप है कि वो भारत सरकार पर विदेशी सरकारों और वर्ल्ड बैंक/IMF जैसी संस्थाओं की तरफ से लाइसेंस रिन्यूअल के लिए दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है.

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इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के अनुसार, गृह मंत्रालय को एक कथित ई-मेल भी मिला था. मेल के मुताबिक Oxfam India यूरोपियन यूनियन (EU), अमेरिक विदेश मंत्रालय, वर्ल्ड बैंक और एशियन डेवलपमेंट बैंक जैसी संस्थाओं की मदद से दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था.

कमीशन देकर फंडिंग का आरोप

इस मामले में Oxfam India के खिलाफ 17 अप्रैल के दिन FIR दर्ज की गई थी. जिसके बाद 19 अप्रैल को CBI ने Oxfam के ऑफिस की तलाशी ली. गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, CBDT के एक इनकम टैक्स ‘सर्वे’ में ये पता चला था कि Oxfam India सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च (CPR) को फंडिंग दे रहा है. ये काम Oxfam अपने कर्मचारियों द्वारा कमीशन के तौर पर करा रहा था. इनकम टैक्स के सर्वे में सामने आया था कि Oxfam ने साल 2019-20 में CPR को कथित तौर पर 12 लाख 71 हजार रुपये से ज्यादा की फंडिंग दी थी. यह FCRA, 2010 के सेक्शन 8 व 12(4) का उल्लंघन है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल भी इनकम टैक्स के अधिकारियों ने Oxfam के ऑफिस का ‘सर्वे’ किया था. जिसके बाद गृह मंत्रालय ने इनकम टैक्स विभाग की एक रिपोर्ट CBI को साझा की थी. रिपोर्ट के मुताबिक 15 फरवरी, 2022 को अमित बेहार नाम के शख्स ने आयरलैंड के दूतावास को एक मेल भेजा था. मेल के मुताबिक EU से भारत सरकार को FCRA मुद्दे पर पत्र लिखने का आग्रह किया गया था.

इससे पहले Oxfam India के प्रवक्ता ने कहा था कि Oxfam भारतीय कानूनों का पूरी तरह से पालन करता है. यहां तक Oxfam ने FCRA सहित बाकी रिटर्न समय पर फाइल किए हैं. उन्होंने बताया कि Oxfam भारत की सभी एजेंसियों के साथ पूरी तरह सहयोग कर रहा है. प्रवक्ता के मुताबिक, लाइसेंस रिन्यूअल को लेकर Oxfam ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका भी दायर की थी. जिस पर हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब भी मांगा है.

Oxfam India

Oxfam India कुछ लोगों का समूह है. यानी ये एक NGO के तौर पर काम करता है. ये भारत में भेदभाव को खत्म करने और स्वतंत्र व न्यायपूर्ण समाज बनाने के लिए काम कर रहे लोगों का एक ग्रुप है. Oxfam अपनी फेमस ‘Inequality रिपोर्ट’ के लिए जाना जाता है. ये रिपोर्ट अमीर और गरीब के बीच बढ़ती असमानता को दिखाती है.        

वीडियो: भारत ने चीन को जनसंख्या में पिछाड़ा, अब देश में कितने लोग हैं?

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