'भारत सरकार के लिए काम कर रही थी लॉरेंस बिश्नोई गैंग', कनाडा पुलिस का दावा
Canada on Lawrence gang : कनाडाई मीडिया का दावा है कि कनाडा पुलिस ने अपनी एक रिपोर्ट में यह बात कही है. रिपोर्ट में पुलिस ने कई बार लॉरेंस गैंग की गतिविधियों को सीधे भारत सरकार से जोड़ने की कोशिश की है.

'कनाडा में लॉरेंस बिश्नोई की गैंग भारत सरकार के लिए काम कर रही थी', यह दावा कनाडा पुलिस ने अपनी एक रिपोर्ट में किया है. रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) ने आरोप लगाया है कि लॉरेंस गैंग के भारत सरकार के साथ संबंध थे.
कनाडाई मीडिया ग्लोबल न्यूज के मुताबिक RCMP ने पिछले साल एक इंटर्नल रिपोर्ट में यह बात कही थी. ग्लोबल न्यूज का दावा है कि सूचना के अधिकार के तहत उसे यह रिपोर्ट मिली है. इसके मुताबिक रिपोर्ट में कहा गया है कि लॉरेंस गैंग एक हिंसक आपराधिक संगठन है, जिसकी कनाडा समेत कई देशों में सक्रियता बढ़ती जा रही है. RCMP ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि यह गैंग जबरन वसूली, ड्रग तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और सुपारी लेकर हत्याएं करता है.
भारत सरकार से जुड़े होने का आरोपरिपोर्ट में आगे आरोप लगाया गया कि लॉरेंस गैंग अपने आपराधिक धंधे को आगे बढ़ाने के लिए हिंसा का इस्तेमाल करने के लिए जानी जाती है. वह भारतीय सरकार की ओर से काम करती है. ग्लोबल न्यूज के मुताबिक इस रिपोर्ट में कोई तारीख नहीं दी गई है, लेकिन इसमें ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबे के 17 जून 2025 के एक बयान का जिक्र है. इस बयान में कनाडा सरकार से लॉरेंस गैंग को आतंकी संगठन घोषित करने के लिए कहा गया है. न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक RCMP ने यह दस्तावेज उसी दिन जारी किया, जिस दिन एबे खुद भारत की यात्रा शुरू कर रहे हैं. उनकी यात्रा 12-17 जनवरी 2026 के बीच हो रही है.
इसके बाद कनाडा सरकार ने सितंबर 2025 में लॉरेस गैंग को आतंकवादी समूहों की लिस्ट में डाल दिया. हालांकि इस दौरान भारत सरकार का कोई जिक्र नहीं किया गया. लेकिन दावा है कि RCMP ने लॉरेंस गैंग के अपराध पर जो रिपोर्ट तैयार की थी, उसमें कई बार भारत सरकार के साथ उसके कथित जुड़ाव का जिक्र है. RCMP ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि यह गैंग पंजाब में छात्र राजनीति के दौरान धमकियों का इस्तेमाल करके शुरू की गई थी, लेकिन अब यह भारत के कई राज्यों में फैल चुकी है और 700 से अधिक मेंबर इससे जुड़े चुके हैं.
जेल से गैंग चलाता है लॉरेंस: RCMPRCMP के मुताबिक इस गैंग की पहुंच नॉर्थ अमेरिका, यूरोप और खाड़ी देशों तक फैल चुकी है. हालांकि इसका लीडर लॉरेंस बिश्नोई, 2015 से भारत में जेल में हैं, लेकिन कथित तौर पर उसने जेल में रहते हुए भी अपनी गैंग चलाना जारी रखा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अब गोल्डी ब्रार गैंग की गतिविधियों संभालता है, जो कि लॉरेंस के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक माना जाता है. रिपोर्ट में दावा है कि ब्रार का असली नाम सतिंदरजीत सिंह है.
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हालांकि कनाडा पुलिस की इस कथित रिपोर्ट पर अभी तक कनाडा या भारत की तरफ से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. मालूम हो कि कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के पीछे भारत सरकार का हाथ होने का आरोप लगाया था. इसके बाद भारत-कनाडा के संबंध तेजी से खराब हुए थे. हालांकि नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने दोनों देशों के संबंधों को वापस पटरी पर लाने पर जोर दिया है. जिसके बाद संबंध सुधरे भी हैं.
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