The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • canada pm mark carney rebuts us claim trump call davos speech controversy

अमेरिका कर रहा था कनाडा के पीछे हटने का दावा, मार्क कार्नी ने धागा खोल दिया

Mark Carney US Davos Speech Row: अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने दावा किया था कि कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी दावोस में कही गई अपनी आक्रामक बातों से पीछे हट गए थे. लेकिन मार्क कार्नी ने मीडिया के सामने आकर बेसेंट के दावों की पोल खोल के रख दी.

Advertisement
canada pm mark carney rebuts us claim trump call davos speech controversy
मार्क कार्नी ने दावोस में दिए अपने भाषण में ट्रंप की आलोचना की थी. (Photo: ITG/File)
pic
सचिन कुमार पांडे
28 जनवरी 2026 (पब्लिश्ड: 07:25 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने दावोस में हुए वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में वर्ल्ड ऑर्डर पर जबरदस्त स्पीच दी थी. उसकी काफी वाह-वाही भी हुई. हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को यह स्पीच पसंद नहीं आई, क्योंकि भाषण में कार्नी ने ट्रंप की आलोचना भी की थी. इसके बाद हाल ही में मार्क कार्नी और ट्रंप आपस में फोन पर बातचीत करते हैं.

बातचीत के बाद अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने दावा किया कि कार्नी दावोस में कही गई अपनी आक्रामक बातों से पीछे हट गए थे. हालांकि अब मार्क कार्नी ने स्कॉट बेसेंट के दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है. BBC के मुताबिक कार्नी ने 27 जनवरी को मीडिया से बात करते हुए कहा कि मैनें ट्रंप से फोन पर वही कहा है, जो दावोस में कहा था. कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने मीडिया से कहा,

बिल्कुल साफ तौर पर कहूं, और मैंने राष्ट्रपति से भी यही कहा था, मैंने दावोस में जो कहा था, मेरा मतलब वही था. सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ने ही मुझे फोन किया था. और हमारे बीच कई विषयों पर बहुत अच्छी बातचीत हुई. इनमें यूक्रेन, वेनेजुएला, आर्कटिक सुरक्षा और चीन के साथ कनाडा का हालिया व्यापार समझौता जैसे मुद्दे शामिल थे.

दावोस में क्या कहा था?

यानी मार्क कार्नी का साफ कहना है कि वह दावोस में कही गई अपनी बातों पर कायम हैं और उन्होंने अमेरिका के दावे को भी सीधे झुठला दिया. इससे पहले मार्क कॉर्नी ने दावोस में दी गई अपनी फेमस स्पीच में कहा था कि नियम आधारित विश्व व्यवस्था खत्म हो रही है. जो शक्तिशाली है, वह कुछ भी कर सकता है. और जो कमजोर है उसे यह सब झेलना होगा. कार्नी ने अपनी स्पीच में सुपर पॉवर देशों के रवैये की आलोचना की थी. यहां उनका इशारा अमेरिका और उसके राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की तरफ था. कार्नी ने एक तरह से ट्रंप की आलोचना की थी कि उन्होंने विश्व व्यवस्था में उथल-पुथल मचा दी है.  

जाहिर है अमेरिका और ट्रंप को कार्नी की यह बात पसंद नहीं आई होगी. ट्रंप ने अगले दिन दावोस में ही दिए गए अपने भाषण में कार्नी की बात का जवाब दिया था. उन्होंने कहा था कि कनाडा अमेरिका की वजह से ही ज़िंदा है.  इसके बाद स्कॉट बेसेंट ने एक अमेरिकी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में दावा किया कि कार्नी ट्रंप के साथ फोन पर बातचीत में अपनी कही गई आक्रामक बातों से पीछे हट गए थे. बेसेंट ने कहा,

जब प्रधानमंत्री (मार्क कार्नी) ने दावोस में भाषण दिया था, तो उन्हें पक्का नहीं पता कि वह क्या सोच रहे थे. कनाडा अमेरिका पर निर्भर है. उत्तर-दक्षिण व्यापार बहुत ज़्यादा है, जबकि पूर्व-पश्चिम व्यापार उतना कभी नहीं हो सकता. प्रधानमंत्री को कनाडाई लोगों के लिए जो सबसे अच्छा हो, वह करना चाहिए, न कि अपने ग्लोबलिस्ट एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए.

'टैरिफ की धमकी बातचीत की रणनीति'

इसके बाद कार्नी ने साफ किया कि वह दावोस में दिए गए अपने भाषण पर कायम हैं. कार्नी ने कहा कि दोनों देशों ने USMCA पर भी चर्चा की, जो कनाडा, अमेरिका और मैक्सिको के बीच एक फ्री-ट्रेड समझौता है. इसकी साल के आखिर में समीक्षा होनी है. कार्नी ने कहा कि दावोस में उनके भाषण में साफ तौर पर बताया गया था कि कनाडा पहला देश था, जिसने अमेरिकी व्यापार नीति में उस बदलाव को समझा, जिसे ट्रंप ने शुरू किया था. हम उसी के अनुसार प्रतिक्रिया दे रहे हैं.

यह भी पढ़ें- ट्रंप की धमकी करवा रही है भारत-कनाडा की दोस्ती! मार्च में India आ सकते हैं मार्क कार्नी

कार्नी ने आगे कहा कि उन्हें लगता है कि ट्रंप की हालिया टैरिफ की धमकी USMCA पर बातचीत से पहले एक रणनीति है. राष्ट्रपति एक मजबूत बातचीत करने वाले हैं, और मुझे लगता है कि इन कुछ टिप्पणियों और पोजीशन को उसी के संदर्भ में देखा जाना चाहिए. मालूम हो कि हाल ही में ट्रंप ने कनाडा को धमकी दी थी कि अगर वह चीनी सामान को बिना टैक्स दिए अमेरिका में आने देगा, तो उसके सामान पर 100% टैरिफ लगा दिया जाएगा. इस पर कार्नी ने कहा कि कनाडा चीन के साथ फ्री-ट्रेड डील नहीं कर रहा है और उसने इस बारे में कभी सोचा भी नहीं है.

वीडियो: ट्रंप का कनाडा पर हमला, ‘गोल्डन डोम’ और चीन से रिश्तों को लेकर चेतावनी

Advertisement

Advertisement

()