ट्रंप की धमकी करवा रही है भारत-कनाडा की दोस्ती! मार्च में India आ सकते हैं मार्क कार्नी
Mark Carney India Visit: अगर कार्नी का यह दौरा होता है, तो दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से बेहद अहम होगा, क्योंकि पिछले साल तक जिस तरह से दोनों देशों के संबंध खराब चल रहे थे, कनाडाई प्रधानमंत्री के इस तरह के दौरे की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी.

डॉनल्ड ट्रंप की टैरिफ की धमकियों और सनक भरी घोषणाओं के चलते दुनिया में वह सब कुछ हो रहा है, जो कुछ समय पहले तक सोचा भी नहीं जा सकता था. खबर है कि कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी मार्च में भारत आ सकते हैं. यही नहीं, भारत के साथ कुछ अहम समझौते भी कर सकते हैं. कनाडा में भारत के हाई कमिश्नर दिनेश पटनायक ने रॉयटर्स को दिए एक इंटरव्यू में मार्क कार्नी के संभावित दौरे की जानकारी दी है.
उन्होंने बताया कि कार्नी अपनी भारत यात्रा के दौरान यूरेनियम, एनर्जी, मिनरल्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं. अगर कार्नी का यह दौरा होता है, तो दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से बेहद अहम होगा. पिछले साल तक कनाडाई प्रधानमंत्री के इस तरह के भारत दौरे की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी. इसकी सबसे बड़ी वजह थी कि कनाडा ने अपने यहां कुछ हिंसक घटनाओं के लिए सीधे तौर पर भारत को जिम्मेदार ठहराया था.
कार्नी ने की थी संबंध सुधारने की कोशिशइसके बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध सबसे निचले स्तर पर चले गए थे. हालांकि भारत-कनाडा के रिश्तों में सुधार की शुरुआत तब से ही हो गई थी, जब पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो वहां की सत्ता से गए और उनकी जगह मार्क कार्नी नए प्रधानमंत्री बने. कार्नी ने भारत के साथ फिर से बातचीत की कोशिश शुरू की थी. उन्होंने 2025 में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को G-7 की आउटरीच बैठक में हिस्सा लेने के लिए भी बुलाया था. लेकिन अब अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप अपने बयानों में जिस तरह से कनाडा को निशाना बना रहे हैं, इससे भारत-कनाडा और करीब आ सकते हैं.
मालूम हो कि डॉनल्ड ट्रंप जब से दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति बने हैं, तब से ही उन्होंने लगातार कनाडा को USA का 51वां राज्य बताकर अपमानित किया है. कनाडा पर भारी टैरिफ भी लगाया है. यहां तक कि कंपनियों को धमकाया है कि कनाडा की जगह अमेरिका में आकर अपने प्लांट्स लगाए. ट्रंप ने हाल ही में एक एडिटेड तस्वीर भी सोशल मीडिया पर डाली थी, जिसमें कनाडा को अमेरिका के हिस्से के तौर पर दिखाया गया था. कनाडा, जो कि अमेरिका का सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक हुआ करता था, अब ट्रंप का रवैया देखकर बाकी देशों के साथ अपने संबंध सुधारना चाह रहा है, जिससे वह केवल अमेरिका पर निर्भर न रहे.
चीन के साथ भी किया समझौताइसी कवायद में कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने चीन के साथ भी एक अहम समझौता किया है. इसके तहत उन्होंने चीन के इलेक्ट्रिक वाहनों और कैनोला पर टैरिफ कम ने की बात कही है. बदले में चीन भी कनाडा के लिए अपने बाजार को खोलेगा. अब कार्नी भारत के साथ भी कुछ अहम आर्थिक समझौते कर सकते हैं. इससे कनाडा गैर अमेरिकी एक्सपोर्ट बढ़ाना चाहता है और अपने ट्रेड पार्टनर्स में विविधता लाना चाहता है.
हालांकि रॉयटर्स के मुताबिक अब तक कार्नी के ऑफिस से भारत दौरे के लेकर कोई कंफर्मेशन नहीं दी गई है. लेकिन भारतीय हाई कमिश्नर दिनेश पटनायक ने एक इंटरव्यू में कहा है कि मार्च के पहले हफ्ते में उनकी भारत यात्रा को लेकर विचार चल रहा है. उन्होंने बताया कि भारत और कनाडा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के लिए भी मार्च में फिर से बातचीत शुरू कर सकते हैं.
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EU के साथ भी डीलट्रंप की धमकियों के कारण कनाडा ही नहीं, अमेरिका के दूसरे सहयोगी भी अन्य विकल्प और पार्टनर्स की तलाश में जुट गए हैं. यूरोपियन यूनियन भी भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट करने जा रहा है. माना जा रहा है कि 27 जनवरी को ही इस ट्रेड डील की घोषणा हो सकती है. यूरोपियन यूनियन की अध्यक्ष उर्सला वॉन डर लेयेन ने इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' यानी सबसे बड़ी डील बताया है. वैसे तो EU और भारत के बीच सालों से ट्रेड डील पर बातचीत चल रही है. लेकिन जिस तरह से हाल में ट्रंप ने टैरिफ की धमकी और दूसरे देशों पर दबाव बनाने की रणनीति अपनाई है, इससे यूरोप बेसब्री से अन्य पार्टनर्स और मार्कट्स की तलाश में है. इस वजह से EU-FTA ट्रेड डील पर बातचीत हाल के महीनों में तेजी से बढ़ी है. अब डील लगभग फाइनल हो चुकी है और उस पर औपचारिक घोषणा होना बाकी है.
वीडियो: ट्रंप का कनाडा पर हमला, ‘गोल्डन डोम’ और चीन से रिश्तों को लेकर चेतावनी

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