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पड़ताल: कम रहस्यमयी नहीं है ये पेट्रोल का बिल, जो पहली नज़र में फेक लग रहा था

अगर आप सारी मिस्ट्री पहले ही समझ गए थे तो आप जीनियस हैं!

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1 जून 2018 (अपडेटेड: 2 जून 2018, 06:43 AM IST)
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फोटो - thelallantop
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एक पोस्ट सोशल मीडिया में काफी वायरल हो रही है. इस पोस्ट में दरअसल एक फोटो है. एक बिल की. पेट्रोल पंप के बिल की. दीदार कर लीजिए, फिर आगे बतियाते हैं -
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इस फोटो के अनुसार –
# ये बिल बरेली के सिविल लाइन्स स्थित इंडियन ऑयल फिलिंग स्टेशन (मने पेट्रोल पंप) का है. # इसमें टिन नंबर, जीएसटी नंबर और पेट्रोल पंप का फ़ोन नंबर दिया हुआ है. # तारीख़ 17 सितंबर, 2013 की है यानी आज से लगभग 5 साल पहले की. # प्रोडक्ट का नाम – एमएस – यानी मल्टी स्पीड पेट्रोल है. # और इसके अलावा इसमें कुछ और संख्याएं हैं, जिनमें से सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण है – एम एस पेट्रोल का रेट – 82.87 रुपये.
बिल की इस फोटो को इस कथन के साथ शेयर पर शेयर किया जा रहा है -
आज पेट्रोल का पुराना बिल हाथ लगा तो सोचा कि आप सबको बता दूं कि 17/9/2013 को पेट्रोल 82 रुपये 87 पैसे प्रति लीटर था और उस समय कांग्रेस का राज था.
Sach

फेसबुक पर वायरल हुई इस पोस्ट को देखकर लगा कि आज हमारे पास पड़ताल के लिए शायद सबसे आसान पोस्ट आई है जिसकी फेकनेस देखते ही पता चल जाती है. मगर नहीं! इस पोस्ट में इतने ढेर पेच थे कि उन्हें खोलने में हमारे घोड़े खुल गए.


# क्या थे वो पेच.

# 1 – पहले ये फोटो इस मैसेज के साथ शेयर हुई कि ये कांग्रेस के ज़माने के रेट हैं.
# 2- फिर ये फोटो इस मैसेज के साथ शेयर हुई कि पिछला वाला मैसेज फेक हैं क्यूंकि उस वक्त जीएसटी होता ही नहीं था.

# 3 – इतना काफी नहीं था कि एक भिया आ गए फिर इस फोटो को लेकर बताते हुए – जीएसटी नाम की चिड़िया पेट्रोल नाम के पेड़ पर बैठती ही नहीं क्यूंकि वहां पर तो बाकी ढेर सारे टैक्स पहले ही घोंसले बनाए बैठे हैं. मल्ल्ब पेट्रोल पर तो जीएसटी लगता ही नहीं. तो फिर बिल में ऊपर जीएसटी नंबर लिखा ही क्यूं है?
# 4- और अंततः खबर लिखे जाने तक एक और आए बताते हुए कि – ये फोटो रियल है क्यूंकि इस वाली जीएसटी का फुल फॉर्म है – जनरल सेल्स टैक्स.
GST and GST

और सबूत में एक पीडीएफ का लिंक
भी चस्पा कर दिया. ये रहा उस लिंक में से एक महत्वपूर्ण स्क्रीन शॉट –
ये GST ज़रा हटकर है
ये GST ज़रा हटकर है

तो हमने खुद जांच पड़ताल की. पहले हमने इस बिल में लिखे नंबर पर कॉल किया. पर किसी ने फ़ोन नहीं उठाया. हमने बरेली के सिविल लाइंस में तीन इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंपों पर कॉल लगाया मगर शायद इनमें से हर पेट्रोल पंप का पूरा स्टाफ पेट्रोल भरने में व्यस्त था.
हमने अपने राजस्थान के एक दोस्त को फ़ोन किया जिसका खुद का पेट्रोल पंप था. साथ ही आज तक से जुड़े बरेली के पत्रकार कृष्ण की मदद से उस पेट्रोल पंप से भी बात की, जिसका बिल ये बताया जा रहा है. लेकिन अंततः हमने पूरे बिल को खुद भी स्कैन किया और निष्कर्ष निकाले.


# राजस्थान वाले दोस्त से बात करने पर क्या निष्कर्ष निकले –

पता चला कि पेट्रोल में बेशक जीएसटी नहीं लगता लेकिन पेट्रोल पंप के पास जीएसटी नंबर होना चाहिए. तो कोई आश्चर्य नहीं कि आज अगर आप पेट्रोल भराने जाएं और आपको पेट्रोल का बिल मिले तो उसमें ऊपर जीएसटी नंबर लिखा हुआ हो. हां ये ज़रूर है कि तब यानी 2013 में जीएसटी नहीं हुआ करता था. तो ये बिल 2013 का नहीं है.
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