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  • CAA Protest: 4 men in UP released after spending 11 days in Jail, Police says they were held mistakenly

CAA प्रोटेस्ट के दौरान ऑफिस में बैठे शख्स को पुलिस ने पकड़ा, 11 दिन बाद कहा- गलती हो गई

पुलिस ने माना- चार लोगों को गलती से गिरफ्तार किया था.

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1 जनवरी 2020 (अपडेटेड: 1 जनवरी 2020, 08:02 AM IST)
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पुलिस का कहना है कि हर मामले की अच्छे से जांच की जा रही है.(फोटो: पीटीआई)
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CAA के खिलाफ देशभर में प्रोटेस्ट हुए, कई जगह अभी भी जारी हैं. उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर में भी हुए. 20 दिसंबर को. पुलिस ने प्रोटेस्ट में शामिल 73 लोगों को गिरफ्तार किया. 11 दिन जेल में रखने के बाद चार लोगों को छोड़ दिया. ये कहते हुए कि उन्हें गलती से गिरफ्तार किया था.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट
के अनुसार, 31 दिसंबर को छोड़े गए चार में से एक शख्स का नाम मोहम्मद फारूख है. वह सरकारी ऑफिस में क्लर्क हैं. जिस दिन प्रोटेस्ट हुआ उस दिन फारूख ऑफिस में थे. ये साबित करने के लिए वह प्रोटेस्ट में शामिल नहीं थे, उनके परिवार को खासी मशक्कत करनी पड़ी, सबूत जुटाने पड़े. तब जाकर पुलिस ने उन्हें रिहा किया.
इसी तरह अतीक़ मोहम्मद, शोएब और खालिद को भी पुलिस ने रिहा किया है. जांच में सामने आया कि प्रोटेस्ट वाले दिन वो अपने बीमार रिश्तेदार को लेकर मेरठ के अस्पताल जा रहे थे.
CAA प्रोटेस्ट के दौरान उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा हिंसा हुई थी.
CAA प्रोटेस्ट के दौरान उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा हिंसा हुई थी.

मुज़फ़्फ़रनगर के एडिशनल एसपी सतपाल अनिल ने बताया कि पुलिस की जांच में ये लोग निर्दोष पाए गए हैं. इसलिए CRPC की धारा 149 के तहत, इन चारों को रिलीज़ कर दिया गया है. प्रोटेस्ट के दौरान हुई हिंसा के बाद पुलिस ने बहुत सारे लोगों को गिरफ्तार किया है. सतपाल अनिल ने ये भी कहा कि पुलिस हर एक मामले को ध्यान से देख रही है. अगर किसी को गलती से अरेस्ट किया गया है, तो उनकी फैमिली हमसे संपर्क कर सकती है.
इससे पहले, लद्दाख के सांसद जाम्यांग शेरिंग नामग्याल ने मुज़फ़फ़रनगर के सांसद संजीव बालियान को एक चिट्ठी लिखी थी. चिट्ठी में कारगिल के एक युवक की गिरफ्तारी का ज़िक्र था. मोहम्मद अली नाम के इस युवक को हॉस्टल जाते वक्त पुलिस ने अरेस्ट कर लिया था. लद्दाख एमपी ने संजीव बालियान से इस मामले में हस्तक्षेप कर मामले की जांच करने की रिक्वेस्ट की थी. संजीव बालियान का कहना है कि वो इस मामले को देख रहे हैं और वो किसी भी बेगुनाह को सजा नहीं होने देंगे.
हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में हुई हिंसा और सावर्जनिक संपत्तियों के नुकसान की वसूली की बात की थी. उन्होंने बदला लेने की बात भी कही थी. रामपुर समेत कई शहरों में प्रोटेस्ट के दौरान हुए नुकसान को लेकर वसूली के नोटिस
भेजे गए थे.



वीडियो : क्या योगी सरकार, बुलंदशहर में दंगा करने वालों को वसूली नोटिस भेजेगी?

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