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मायावती राजनीति से संन्यास ले रहीं? BSP प्रमुख ने सब बताया

BSP प्रमुख Mayawati ने अपने संन्यास लेने की अटकलों पर प्रतिक्रिया दी है.

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26 अगस्त 2024 (अपडेटेड: 26 अगस्त 2024, 04:19 PM IST)
Mayawati on SANYAS FAKE NEWS
बसपा प्रमुख मायावती की प्रतिक्रियाओं पर पार्टी की यूपी स्टेट यूनिट ने प्रेस रिलीज भी जारी की है. (फाइल फोटो: PTI)
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बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने ‘राजनीति से अपने संन्यास’ को लेकर 26 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया. उन्होंने साफ किया कि वो राजनीति से संन्यास नहीं ले रही हैं. मायावती की इस प्रतिक्रिया पर BSP यूपी स्टेट यूनिट ने प्रेस रिलीज भी जारी की है. उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि सक्रिय राजनीति से उनके संन्यास लेने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता. BSP सुप्रीमो का ये बयान पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की होने वाली बैठक से एक दिन पहले आया है. 

न्यूज एजेंसी PTI-भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक 27 अगस्त को BSP की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की एक बैठक होनी है. ये बैठक लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में होगी. इस बैठक को लेकर ये अटकलें लगाई जा रही थीं कि मायावती अपने भतीजे आकाश आनंद का कद बढ़ा सकती हैं. इसके अलावा उनके संन्यास लेने की भी चर्चा थी.

अपने संन्यास लेने के अटकलों को विराम देते हुए बसपा प्रमुख ने 26 अगस्त को X पर पोस्ट किया. उन्होंने लिखा,

"बहुजनों के आंबेडकरवादी कारवां को कमजोर करने की विरोधियों की साजिशों को विफल करने के संकल्प हेतु बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और मान्यवर कांशीराम जी की तरह ही मेरी जिंदगी की आखिरी सांस तक BSP के आत्मसम्मान और स्वाभिमान मूवमेंट को समर्पित रहने का फैसला अटल है."

ये भी पढ़ें- मायावती का राहुल गांधी से बड़ा सवाल, पूछा- जब कांग्रेस की सरकार थी तो जाति जनगणना क्यों नहीं कराई?

उन्होंने अगली पोस्ट में लिखा,

"अर्थात सक्रिय राजनीति से मेरा संन्यास लेने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है. जब से पार्टी ने आकाश आनंद को मेरे ना रहने पर या अस्वस्थता की स्थिति में BSP के उत्तराधिकारी के रूप में आगे किया है, तब से जातिवादी मीडिया ऐसी फेक न्यूज प्रचारित कर रहा है, जिससे लोग सावधान रहें."

मायावती ने आगे पोस्ट किया कि पहले भी उन्हें राष्ट्रपति बनाए जाने की अफवाह उड़ाई गई थी. उनके मुताबिक कांशीराम ने ऐसी ही पेशकश को ये कहकर ठुकरा दिया था कि राष्ट्रपति बनने का मतलब सक्रिय राजनीति से संन्यास लेना होगा. मायावती ने कहा कि कांशीराम को राष्ट्रपति का पद पार्टी हित में गवारा नहीं था, तो फिर उनकी 'शिष्या' यानी उनके लिए भी इसे स्वीकारना संभव नहीं है.

वीडियो: हाथरस हादसे पर आई SIT की रिपोर्ट को लेकर मायावती ने क्या कहा?

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