बहुजन समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद हैं नरेंद्र कश्यप. बहू की दहेज़ हत्या केमामले में गिरफ्तार हो गए हैं. उनका बेटा पहले ही गिरफ्तार हो चुका था. सांसद कीपत्नी को भी गिरफ्तार किया जाएगा. फिलहाल सांसद और उनकी पत्नी अस्पताल में एडमिटहैं. तबियत खराब होने की बात कहकर. पुलिस वालों ने डॉक्टर से उन दोनों को डिस्चार्जकहा है, ताकि उन्हें गिरफ्तारी के बाद कोर्ट ले जाया जा सके.क्या है मामला?बुधवार को साढ़े ग्यारह बजे की बात है. गाजियाबाद के संजय नगर सेक्टर-23 के उनके घरके बाथरूम में उनकी बहू की लाश मिली. लाश बाथरूम के दरवाजे के बोल्ट खोलकर निकालीगई थी. बहू का नाम हिमांशी था, हिमांशी के हाथ में रिवॉल्वर थी और सिर में गोली लगीथी. रिवॉल्वर लाइसेंसी है, जो उसके पति सागर के नाम पर थी.हिमांशी के मायके वालों के आरोपनरेंद्र कश्यप का कहना है ये आत्महत्या थी जबकि हिमांशी के मायके वालों का कहना हैकि ये दहेज के लिए किया गया मर्डर है. पुलिस ने हिमांशी के मायके वालों की शिकायतपर केस दर्ज कर लिया है. सांसद और उनके बेटे सागर के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमादर्ज हुआ है. आईपीसी की धारा 304 बी और 398 A लगी है. नरेंद्र कश्यप की बीवीदेवेंद्री, दो बेटों सागर और सिद्धार्थ के साथ उनकी दो बहनों सरिता और शोभा का नामभी इस केस में आया है. https://twitter.com/ANINewsUP/status/717929803811131392दहेज में मांगते थे फॉर्च्यूनर हिमांशी के पापा हीरा लाल कश्यप भी उत्तर प्रदेश सरकार मे मंत्री रह चुके हैं. वोबदायूं के हैं और बहुजन समाज पार्टी में थे. 2013 में हिमांशी और सागर की शादी हुईथी. एक बेटा भी है. 18 महीने का. हिमांशी के घर वालों का कहना है. सागर के घर वालेदहेज में फॉर्च्यूनर गाड़ी मांगा करते थे. हिमांशी के पापा ने ये बयान दिया कि उनकीबिटिया को दहेज़ के लिए परेशान किया जाता था. पिछले छह महीने से बार-बार गाड़ी मांगीजा रही है. मैनें उन्हें गहने दिए थे लेकिन उसकी सास उसे परेशान करती थी और उसेपीटा जाता था. हिमांशी के घर वालों का ये कहना भी है कि कश्यप के घर वालों नेउन्हें इस बात की खबर तक नहीं दी थी, उन्हें सारी बात मौत की खबर भी अस्पताल सेमिली थी. पुलिस फिलहाल इस एंगल से जांच-पड़ताल कर रही है कि घर में छह जने थे.हिमांशी ने खुद को अगर कनपटी पर गोली मार ली तो किसी को आवाज क्यों नहों सुनाई दी?साथ ही इस तरफ भी ध्यान दिया जा रहा है कि बाथरूम के दरवाजे के बोल्ट किस कंडीशनमें खोले गए थे.