'आत्मा झकझोरने वाला'... आयरिश लेखक पॉल लिंच को 'प्रोफेट सॉन्ग' के लिए मिला बुकर प्राइज
ये उपन्यास उस काल्पनिक आयरलैंड की कहानी दिखाता है, जहां की सरकार फासीवादी शासन की तरफ बढ़ती जा रही है और लोकतांत्रिक मूल्य खत्म होते जा रहे हैं. पॉल लिंच को बुकर प्राइज के रूप में करीब 52 लाख रुपये भी मिलेंगे. प्रोफेट सॉन्ग उनका पांचवा उपन्यास है.

2023 का बुकर प्राइज आयरलैंड के लेखक पॉल लिंच ने जीत लिया (Paul Lynch Booker Prize) है. 'प्रोफेट सॉन्ग' नाम के उनके उपन्यास (Prophet Song) को ये पुरस्कार मिला. ये उनका लिखा हुआ पांचवा उपन्यास है. साथ ही, वे बुकर प्राइज जीतने वाले पांचवे आयरिश लेखक बन गए हैं. ये उपन्यास उस काल्पनिक आयरलैंड की कहानी दिखाता है, जहां की सरकार फासीवादी शासन की तरफ बढ़ती जा रही है और लोकतांत्रिक मूल्य खत्म होते जा रहे हैं.
बुकर प्राइज हैंडल के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा गया,
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बुकर प्राइज की एक रिपोर्ट के अनुसार इसके जजिंग पैनल के अध्यक्ष ईसी एडुग्यान ने प्रोफेट सॉन्ग के बारे में कहा,
'आत्मा को झकझोर देने वाला उपन्यास'ईसी एडुग्यान आगे बोले,
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पॉल लिंच ने अपने उपन्यास के बारे में कहा कि इसे लिखना आसान नहीं था. उन्होंने कहा,
वहीं, क्रिटिक एमी वॉश ने ऑब्जर्वर में लिखी इस उपन्यास की समीक्षा में बताया,
कौन हैं पॉल लिंच?पॉल लिंच का जन्म 1977 में पश्चिमी आयरलैंड के लीमेरिक नाम के शहर में हुआ था. वे डोनेगल में पढ़े-बढ़े. फिलहाल वे आयरलैंड की राजधानी डबलिन में रहते हैं. पॉल लिंच आयरलैंड के संडे ट्रिब्यून नाम के अखबार में लगातार सिनेमा पर लिखते रहे हैं. वे 2007 से 2011 तक इसके मुख्य फिल्म समीक्षक भी रहे.
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पॉल लिंच ने अभी तक पांच उपन्यास लिखे हैं. प्रोफेट सॉन्ग से पहले लिंच बियॉन्ड द सी, ग्रेस, द ब्लैक स्नो और रेड स्काई इन मॉर्निंग नाम के उपन्यास लिख चुके हैं. पॉल लिंच को बुकर प्राइज के रूप में करीब 52 लाख रुपये भी मिलेंगे.
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