'मैं धूप, बारिश, बर्फ़ के लिए तैयार थी, बुकर के लिए नहीं', गीतांजलि ने ऐसा क्यों कहा?
गीतांजलि को जिस उपन्यास (रेत समाधि) के लिए पुरस्कार मिला वो हिंदी में 2018 में छपा था. इसके बाद डेज़ी रॉकवेल ने उपन्यास को ट्रांसलेट किया और 2021 में टिलटेड एक्सेस प्रेस ने इसे टूम ऑफ़ सैंड टाइटल के साथ छापा.
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पुरस्कार के साथ 50,000 पाउंड मिले हैं, जो गीतांजली और डेज़ी बीच बांटी जाएगी (फोटो - AP/ANI)
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एक कविता रोज़ में सुनिए IPS अधि्कारी सुकीर्ति माधव मिश्र की कविता

