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राज्यसभा में कमजोर हुई BJP, अब बिल पास कराना होगा और मुश्किल

NDA के पास ऊपरी सदन में 101 सांसदों की ताकत है, जो कि बहुमत से काफी कम है. राज्यसभा में फिलहाल 226 सदस्य हैं. 19 सीटें खाली हैं.

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15 जुलाई 2024 (अपडेटेड: 15 जुलाई 2024, 04:54 PM IST)
BJP Numbers in Rajya Sabha
राज्यसभा में बीजेपी कैसे हुई कमजोर?
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पिछले महीने लोकसभा में बहुमत गंवाने के बाद अब राज्यसभा में भी भारतीय जनता पार्टी (BJP) कमजोर हो गई है. 13 जुलाई को सरकार की तरफ से नामित चार सांसदों का कार्यकाल खत्म हो गया. इसके बाद राज्यसभा में बीजेपी सांसदों की संख्या घटकर 86 हो गई है. इससे अब एनडीए के पास ऊपरी सदन में 101 सांसदों की ताकत है, जो कि बहुमत से काफी कम है. राज्यसभा में फिलहाल 226 सदस्य हैं. 19 सीटें खाली हैं.

13 जुलाई को जो नामित सांसद रिटायर हुए, उनमें राकेश सिन्हा, राम शकल, सोनल मानसिंह और महेश जेठमलानी हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ये सभी राज्यसभा सदस्य बनने के बाद बीजेपी से भी जुड़े थे. केंद्र सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति 12 सदस्यों को राज्यसभा के लिए नामित करती हैं. मौजूदा सदन में इनमें से सात सांसद बीजेपी से नहीं जुड़े हैं. लेकिन किसी प्रस्ताव या बिल पर सरकार का साथ देते हैं.

बहुमत नहीं होने से अब बीजेपी को बिल पास कराने में कुछ मुश्किल जरूर हो सकती है. हालांकि, टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट बताती है कि अपर हाउस में एनडीए भले ही बहुमत में नहीं है लेकिन महत्वपूर्ण बिलों को सरकार अब भी पारित करवा सकती है. इनमें सात नामित सांसदों के अलावा बीजेपी को पुराने सहयोगियों AIADMK और YSR कांग्रेस पार्टी का साथ मिल सकता है. वहीं, अगर नामित सांसदों की वेकैंसी सरकार जल्द भरती है तो बीजेपी की दूसरे दलों पर निर्भरता कम हो सकती है.

राज्यसभा में अभी YSR कांग्रेस पार्टी के 11 और AIADMK के चार सांसद हैं. YSR कांग्रेस पहले भी मुद्दों के आधार पर एनडीए सरकार को समर्थन करती आई है. वहीं, एक और 'सदाबहार सहयोगी' बीजू जनता दल (BJD) अब बीजेपी से छिटक गई है. लोकसभा और विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद बीजेडी ने साफ कहा था कि वो राज्यसभा में बीजेपी को किसी मुद्दे पर सपोर्ट नहीं करेगी. ऊपरी सदन में पार्टी के 9 सांसद हैं.

कहां-कहां से सीटें खाली?

रिपोर्ट के मुताबिक, राज्यसभा में अभी जो 19 सीटें खाली हैं, उनमें जम्मू-कश्मीर से चार और नामित सदस्यों की चार वेकैंसी है. वहीं 11 सीटें आठ अलग-अलग राज्यों से है. असम, बिहार और महाराष्ट्र से दो-दो, हरियाणा, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा से एक-एक सीट खाली हैं.

इन 11 में से 10 सीटें लोकसभा चुनाव के कारण खाली हुई थीं. राज्यसभा के 10 सदस्य लोकसभा का चुनाव लड़कर निचली सदन में पहुंच गए. जन प्रतिनिधित्व कानून 1951 की धारा 69(2) के तहत अगर कोई व्यक्ति जो पहले से राज्यसभा का सदस्य है और वो लोकसभा का सदस्य निर्वाचित हो जाता है तो राज्यसभा में वो सीट सांसद चुने जाने की तारीख से अपने आप खाली हो जाती है.

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वहीं एक सीट भारत राष्ट्र समिति के सदस्य के केशव राव के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी. राव इस महीने की शुरुआत में कांग्रेस में शामिल हो गए थे. उसके बाद उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता भी छोड़ दी थी. इन 11 सीट के लिए जब भी चुनाव होंगे तो इनमें से आठ सीट एनडीए के पास जा सकती हैं. तीन सीट INDIA गठबंधन के हिस्से जाने की संभावना है.

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, INDIA गठबंधन के पास राज्यसभा में अभी कुल 87 सांसद हैं. इनमें कांग्रेस के पास 26, तृणमूल कांग्रेस के 13, आम आदमी पार्टी और डीएमके के 10-10 सांसद हैं.

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