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पसमांदा के बाद अब इन मुस्लिमों के लिए BJP ने बनाया प्लान, चुनाव में फायदा मिलेगा?

BJP पहले से ही पसमांदा मुसलमानों को अपने पाले में करने के लिए एक कार्यक्रम चला रही है. इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी. अब एक नया कार्यक्रम आया है.

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16 अक्तूबर 2023 (पब्लिश्ड: 01:23 PM IST)
BJP started a new outreach programme for sufi muslims before 2024 general election.
2024 के लोकसभा चुनावों से पहले BJP ने मुसलमानों को लुभाने के लिए सूफी संवाद महा अभियान की शुरुआत की. (फोटो क्रेडिट - X)
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भारतीय जनता पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले मुस्लिम समुदाय के लोगों को अपने पाले में लाने के लिए (BJP Outreach Muslim) नई रणनीत बनाई है. उन्होंने देश के सबसे बड़े धार्मिक अल्पसंख्यक समूह को ध्यान में रखते हुए एक आउटरीच कार्यक्रम शुरू किया है. इसे सूफी संवाद महा अभियान या सूफी वार्ता नाम दिया गया है.

BJP के अल्पसंख्यक मोर्चे ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सूफी संवाद महा अभियान के तहत एक कार्यक्रम आयोजित किया. इसमें भारत की 100 से भी ज्यादा दरगाहों के करीब 200 सूफी लोग मौजूद रहे. ये कार्यक्रम 12 अक्टूबर को हुआ. जिसमें सूफी लोगों से मोदी सरकार की नीतियों और योजनाओं को पूरे भारत के मुसलमानों तक पहुंचाने का अनुरोध किया गया. 

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“PM मोदी सूफियों को मानते हैं जरूरी हिस्सा”

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में BJP के अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सूफियों को भारतीय परंपरा का एक जरूरी हिस्सा मानते हैं. सूफी आम लोगों के बीच रहते थे, वे लोगों को धर्म, जाति, पंथ और विश्वास के अलग-अलग होने पर भी बराबरी की शिक्षा देते थे. प्रधानमंत्री चाहते हैं कि सूफी लोग उनके दृष्टिकोण और सरकार की कल्याणकारी नीतियों के बारे में लोगों को जागरुक करें.

जमाल सिद्दीकी ने आगे बताया कि पसमांदा मुसलमानों से इतर ये एक अलग आउटरीच कार्यक्रम है. इसका उद्देश्य सूफी नेताओं को BJP में शामिल करना नहीं है. बल्कि उनके साथ बातचीत शुरू करने और आम मुसलमानों तक पहुंचना है. वे आध्यात्मिक सूफी नेताओं के जरिए उनके अनुयायियों, समाज के सभी वर्गों खासकर मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीच BJP के संदेश पहुंचाना चाहते हैं.

10,000 सूफी दरगाहों को जोड़ने की तैयारी

सिद्दीकी ने कहा कि इस कार्यक्रम के जरिए इन लोगों की समस्याओं और उनकी मांगों के बारे में पता चलेगा. फिर इन्हें सरकार तक पहुंचाया जा सकता है. BJP सिर्फ उत्तर प्रदेश में  10,000 से ज्यादा सूफी दरगाहों के प्रमुखों को जोड़ने की तैयारी कर रही है.

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वहीं, BJP के अल्पसंख्यक मोर्चा के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष कुंवर बसित अली ने बताया कि लखनऊ बैठक में एक नारा दिया गया है. 'न दूरी है, न खाई है, मोदी हमारा भाई है.' उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी इलाके के मुस्लिम लोग BJP के वरिष्ठ नेताओं से मिलने की इच्छा जताते हैं तो पार्टी उनसे मिलने के लिए एक मंत्री, सांसद या विधायक को भेजेगी और उनकी बात सुनेगी.

BJP पहले से ही पसमांदा मुसलमानों को अपने पाले में करने के लिए एक कार्यक्रम चला रही है. इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी. इस सबके बीच ये भी ध्यान रखने की बात है कि 2023 के आखिर में 5 राज्यों में भी विधानसभा चुनाव होने वाले हैं.

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