The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • BJP MP Sushil Modi demands to phase out 2000 rupee notes in Rajya Sabha

2000 के नोट पर सुशील मोदी संसद में ऐसा कुछ बोल देंगे, किसी ने सोचा नहीं होगा!

सुशील मोदी ने 2000 के नोट को वापस लेने के लिए कहा है.

Advertisement
2000 rupee note Sushil Modi
राज्यसभा सांसद सुशील मोदी. (फोटो- राज्यसभा/वीडियो स्क्रीनशॉट)
pic
साकेत आनंद
12 दिसंबर 2022 (Updated: 12 दिसंबर 2022, 07:05 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

साल 2016 में केंद्र सरकार ने नोटबंदी की थी. रातोंरात 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद कर दिया गया था. सरकार ने कहा था कि इससे काले धन और आतंकी फंडिंग पर रोक लगेगी. पुराने नोटों के बदले 500 और 2000 रुपये के नए नोट लाए गए थे. अब बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने सरकार से मांग की है कि 2 हजार के नोटों को बंद करें क्योंकि इसका इस्तेमाल अवैध व्यापार और टेरर फंडिंग में हो रहा है. उन्होंने 2000 के नोट को 'ब्लैक मनी' बता दिया.

अवैध व्यापार में हो रहा इस्तेमाल- मोदी

सुशील मोदी ने 12 दिसंबर को राज्यसभा में जीरो आवर के दौरान इस मुद्दे को उठाया. उन्होंने कहा कि बाजार में गुलाबी रंग के 2000 रुपये के नोटों का दर्शन दुर्लभ हो गया है. सुशील मोदी के मुताबिक, 

"ATM से 2000 के नोट नहीं निकल रहे हैं. अफवाह है कि अब यह वैध नहीं रहा. सरकार को इसके बारे में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए. जब नोटबंदी हुई थी तो 500 और 1000 के नोट को तेजी से बदलने के लिए 2000 रुपये के नोट को शुरू किया था. पिछले तीन सालों से RBI ने इसकी प्रिंटिंग बंद कर दी है. बड़ी संख्या में 2000 के नकली नोट जब्त किए जा रहे हैं."

मोदी ने संसद में कहा कि लोगों ने बड़े पैमाने पर दो हजार के नोटों को जमा कर रखा है. उन्होंने दावा किया कि 2000 के नोटों का इस्तेमाल सिर्फ अवैध व्यापार में हो रहा है. सुशील मोदी की मानें तो कुछ जगहों पर नोट ब्लैक में मिल रहे हैं, प्रीमियम पर बिक रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने बड़ा दावा किया कि ड्रग, मनी लॉन्ड्रिंग, क्राइम और टेरर फंडिंग जैसे बड़े अपराधों में 2000 रुपये के नोट का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है.

'2000 के नोट वापस ले सरकार'

सुशील मोदी ने सदन में दुनिया के दूसरे देशों में इस्तेमाल हो रहे नोटों का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि जब एक हजार का नोट बंद हो गया तो दो हजार के नोट को चलाने का कोई मतलब नहीं है. अब तक सरकार डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा दे रही है. उन्होंने कहा, 

"दुनिया की जितनी एडवांस इकॉनमी हैं...जैसे अमेरिका में अधिकतम 100 रुपये का डॉलर है, 1000 का नोट नहीं है. चीन में 100 का युआन है. कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में भी 100 है. यूरोपीय यूनियन में अधिकतम 200 रुपये का नोट है. सिर्फ श्रीलंका और पाकिस्तान जैसे देशों में 5 हजार के नोट हैं. इंडोनेशिया में तो एक लाख रुपये के भी नोट हैं. यूरोपियन सेंट्रल बैंक ने 2018 में 500 यूरो के नोट को बंद कर दिया था. सिंगापुर ने 10 हजार के नोट को 2010 में बंद कर दिया था."

सुशील मोदी ने मांग की है कि 2000 के नोटों को चरणबद्ध तरीके से वापस ले लेना चाहिए. जनता को एक या दो साल का मौका दिया जाना चाहिए कि जिनके पास वैध 2 हजार के नोट हैं वो उसे छोटे नोटों से बदल सकते हैं. उन्होंने कहा कि अगर इस ब्लैक मनी को बंद करना है, तो 2000 के नोट को बंद करना होगा.

इससे पहले पिछले महीने एक RTI से जानकारी मिली थी कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पिछले दो साल से ज्यादा समय में 2 हजार के नोटों की प्रिंटिंग नहीं की है. इकॉनमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण ने RTI के जवाब में बताया था कि वित्त वर्ष 2016-17 में 2 हजार वाले 354 करोड़ रुपये के नोट छापे गए थे. फिर इसकी छपाई तेजी से घट गई. अगले साल सिर्फ 11 करोड़ रुपये और फिर उसके अगले साल यानी 2018-19 में सिर्फ साढ़े 4 करोड़ रुपये के नोट छापे गए. इसके बाद 2000 के नोटों की छपाई बंद हो गई.

संसद में बरसे मनोज झा और इमरान प्रतापगढ़ी ने Uniform Civil Code पर सरकार से अपील कर दी

Advertisement

Advertisement

()