The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Bittu Bajrangi sent to 14 days judicial custody, police in search of his aides

एक दिन की रिमांड में बिट्टू बजरंगी के पास मिलीं कई तलवारें, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

अब पुलिस को बिट्टू बजरंगी के 15 साथियों की तलाश है. बिट्टू के इन साथियों ने कथित रूप से नूह में एक महिला एसपी के सामने तलवारें लहराई थीं.

Advertisement
pic
17 अगस्त 2023 (अपडेटेड: 17 अगस्त 2023, 05:28 PM IST)
Bittu Bajrangi sent to 14 days judicial custody, police in search of his aides
पुलिस को अब बिट्टू बजरंगी के 15 साथियों की तलाश है. बिट्टू के इन साथियों ने महिला एसपी के सामने तलवारें लहराई थीं. (फोटो- ट्विटर/ANI)
Quick AI Highlights
Click here to view more

हिंदूवादी नेता बिट्टू बजरंगी के मामले में नूह कोर्ट ने गुरुवार, 17 अगस्त को सुनवाई की. कोर्ट ने बजरंगी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. इससे पहले बिट्टू बजरंगी को एक दिन की पुलिस रिमांड में भेजा गया था. खबर के मुताबिक एक दिन की रिमांड में ही पुलिस ने बिट्टू बजरंगी के पास से आठ तलवारें बरामद की हैं.

अब पुलिस को बिट्टू बजरंगी के 15 साथियों की तलाश है. आजतक में छपी रिपोर्ट के मुताबिक बिट्टू के इन साथियों ने कथित रूप से नूह में एक महिला एसपी के सामने तलवारें लहराई थीं. पुलिस इन सभी की तलाश में बिट्टू बजरंगी से लगातार पूछताछ कर रही है.

बता दें कि हरियाणा के नूह और आसपास के इलाकों में हुई सांप्रदायिक हिंसा से पहले बिट्टू बजरंगी के बयान और वीडियो वायरल हुए थे. जिसमें वो भड़काऊ बातें करता दिखा था. एक वीडियो में बजरंगी दूसरे समुदाय के लिए कह रहा था,

“ये बोलेंगे कि बताया नहीं कि हम ससुराल आए और मुलाकात नहीं हुई. फूल माला तैयार रखना. जीजा आ रहे हैं.”

31 जुलाई को हुई हिंसा से पहले बजरंगी को धार्मिक यात्रा में तलवारों के साथ जुलूस में देखा गया था. हालांकि बाद में उसने सफाई दी थी कि वो लोग यात्रा में महिलाओं और बच्चों के साथ निकले थे, तो लड़ाई क्यों करेंगे.

इंडिया टुडे/आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक नूह की ASP उषा ने बिट्टू बजरंगी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. उसी के आधार पर उसके ऊपर कार्रवाई की गई है. पुलिस अधिकारी ने शिकायत में आरोप लगाया था कि हिंसा वाले दिन उन्होंने बिट्टू बजरंगी को हथियारों के साथ यात्रा में भाग लेने से रोका था. उषा के मुताबिक तब बिट्टू ने ड्यूटी करते समय उनके साथ दुर्व्यवहार किया था. वो कथित रूप से अधिकारी की गाड़ी के आगे बैठ गया था. इसलिए दंगे के अलावा उस पर लोक सेवक के कार्य में बाधा डालने के आरोप में केस भी दर्ज हुआ था.

वहीं यात्रा से कुछ दिन पहले मोनू मानेसर ने लोगों से बजरंग दल के सदस्यों द्वारा निकाली जाने वाली शोभायात्रा में शामिल होने की अपील की थी. मानेसर ने कहा था कि वो इस शोभायात्रा में शामिल होगा. उसके साथ उसकी टीम भी शामिल होगी. हालांकि, मोनू मानेसर यात्रा में शामिल नहीं हुआ था. बिट्टू बजरंगी के बाद मोनू मानेसर की गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई है.

वीडियो: सोशल लिस्ट: बिट्टू बजरंगी हमारा आदमी नहीं कहने के बाद भी VHP क्यों ट्रोल हुई?

Advertisement

Advertisement

()