बिहार: बिना बेहोश किए नसबंदी का ऑपरेशन कर दिया, चिल्लाती रहीं महिलाएं!
एक्सपर्ट का कहना है कि बिना बेहोश किए ऑपरेशन करना खतरनाक है. ज्यादा दर्द से जान भी जा सकती है.

बिहार के खगड़िया जिले में स्वास्थ्य विभाग की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है. जिले में परिवार नियोजन अभियान के तहत महिलाओं की नसबंदी की जा रही है. लेकिन यहां महिलाओं को एनेस्थीसिया का इंजेक्शन दिए बिना ऑपरेशन किया गया. महिलाओं ने आरोप लगाया कि वो चीखती चिल्लाती रहीं, लेकिन स्वास्थ्यकर्मियों ने जबरन हाथ-पैर पकड़कर ऑपरेशन कर दिया. नसबंदी करवाने वाली महिलाओं को बिहार सरकार की तरफ से 2,100 रुपये दिए जाते हैं.
‘घंटों जमीन पर लिटाया’आजतक से जुड़े स्वतंत्र सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, लापरवाही का ये मामला अलौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का है. नसबंदी करवाने की जिम्मेदारी एक प्राइवेट एजेंसी को दी गई है. ऑपरेशन से पहले घंटों तक महिलाओं को जमीन पर लिटाया गया. इसी महीने जिले के परबत्ता प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी इसी तरह की लापरवाही सामने आई थी.
ऑपरेशन करवाने वाली एक महिला प्रतिमा कुमारी ने इस पूरे अभियान पर सवाल उठाया. उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के बाद उन्हें सुई लगाई गई. प्रतिमा ने आजतक से कहा,
दर्द से मौत भी हो सकती है- डॉक्टरखगड़िया के एक प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर विवेकानंद ने कहा कि बिना एनेस्थीसिया के ऑपरेशन करना अमानवीय है और अपराध भी है. उन्होंने बताया कि दर्द सहने का एक स्तर होता है, ज्यादा दर्द होने से भी व्यक्ति की मौत हो सकती है. डॉ विवेकानंद ने कहा,
वहीं खगड़िया जिले के सिविल सर्जन डॉ अमरनाथ झा ने कहा कि अगर ऐसा कुछ हुआ है, तो इसकी जांच करवाई जाएगी. कोई दोषी पाया जाएगा, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. वहीं परबत्ता PHC की घटना को लेकर सिविल सर्जन ने कहा कि अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है. रिपोर्ट आने पर एक्शन लिया जाएगा.
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