अग्निपथ प्रोटेस्ट में पुलिस को पीटने के आरोप में फरार था मुखिया, अब तेज प्रताप के साथ फोटो वायरल
ये फोटो SP की मौजूदगी में ली गई!

बिहार (Bihar) में जब से महागठबंधन (Mahagathbandhan) की सरकार बनी है, विवादों का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. बीजेपी एक के बाद एक मामले को लेकर सरकार पर निशाना साध रही है. अभी हाल में एक सरकारी बैठक में अपने जीजा को लेकर पहुंचने पर राज्य के पर्यावरण मंत्री तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) की चर्चा चल ही रही थी कि सोशल मीडिया पर उनके साथ एक फरार मुखिया की तस्वीर वायरल हो गई है.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, तेज प्रताप (Tej Pratap Yadav) के साथ फोटो में जो शख्स दिख रहा है वह अरवल जिले के रोहई पंचायत का मुखिया है और केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान उसने कथित तौर पर पुलिस पर हमला किया था और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था. बीते 19 अगस्त को अरवल जिले में एक कार्यक्रम में पर्यावरण मंत्री तेज प्रताप यादव शामिल हुए थे. ये वायरल तस्वीर उसी समय की है.
SP की मौजूदगी में ली गई फोटो!रिपोर्ट के मुताबिक, उस दिन अरवल जिले के स्थापना दिवस समारोह में मंत्री का स्वागत रोहई पंचायत के मुखिया अभिषेक रंजन ने गुलदस्ता भेंट कर किया था. इसके बाद अभिषेक रंजन के फॉलोअर्स ने तेज प्रताप (Tej Pratap Yadav) के साथ उनकी फोटो खींची और फिर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी. अरवल एसपी की मौजूदगी में ये फोटो ली गई थी.
जानकारी के अनुसार अभिषेक रंजन के खिलाफ 17 जून 2022 को अरवल थाने में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस पर हमला करने के अलावा सरकारी काम को रोकने के संबंध में केस दर्ज किया गया था. ये मामला केंद्र की अग्निपथ योजना से जुड़ा हुआ है, जिसमें रंजन के अलावा 27 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. इस संबंध में अरवल थाने में केस नंबर 277/22 दर्ज है. जिसमें आईपीसी की धाराएं 147,148, 337,307 और 324 लगाई गई हैं.
उधर तस्वीर सामने आने के बाद से विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महागठबंधन के राज में अपराधियों में पुलिस का खौफ खत्म हो गया है. पुलिस की डायरी में फरार भी अब सामने आकर मंत्री तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) का स्वागत कर रहा है. जिसे पुलिस खोज रही है, आखिर वो कई पुलिसवालों की मौजूदगी में किसी मंत्री को गुलदस्ता कैसे दे सकता है?
इस संबंध में अरवल के थानाध्यक्ष ने बताया है कि आरोपी फरार मुखिया के खिलाफ जांच चल रही है, लेकिन गिरफ्तारी की बात पूछने पर थानाध्यक्ष टाल गए. वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि अभिषेक रंजन मंत्रियों से सांठगांठ का हवाला देकर बचा हुआ है, जबकि बाकी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया था.
दी लल्लनटॉप शो: किस बीजेपी नेता की कॉल रिकॉर्डिंग का दावा कर रहे हैं मनीष सिसोदिया?

