बिहार में एक और 'जहरीली शराब कांड', 16 लोगों की मौत, कई की हालत गंभीर
बिहार पुलिस के मुताबिक 7 लोगों को पकड़ा गया है.

ड्राय स्टेट बिहार में एक बार फिर जहरीली शराब का कहर टूटा है. इस बार मोतिहारी जिले (पूर्वी चम्पारण) में कथित रूप से जहरीली शराब पीने के कारण कम से कम 16 लोगों की मौत हुई है. कई मीडिया रिपोर्ट्स में मरने वाले लोगों की संख्या इससे अधिक बताई जा रही है. हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है. वहीं 15 से ज्यादा लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं. इनमें से कइयों की हालत गंभीर बताई जा रही है. बिहार में पिछले 7 सालों से शराब पूरी तरह से बैन है. इसके बावजूद लगातार इस तरह के मामले आते रहे हैं.
आज तक से जुड़े सचिन पांडे की रिपोर्ट के मुताबिक, ये मौतें मोतिहारी के लक्ष्मीपुर, हरसिद्धि और पहाड़पुर इलाके में हुई हैं. कई लोगों को इलाज के लिए मुजफ्फरपुर भेजा गया है. मोतिहारी के सिविल सर्जन डॉ अंजनी कुमार सिंह ने आज तक को बताया कि 14 अप्रैल को एक व्यक्ति का पोस्टमार्टम कराया गया था. अभी रिपोर्ट नहीं आई है. गांवों में मेडिकल टीम भेजी गई है. जांच कराई जाएगी, रिपोर्ट आने के बाद ही सच पता चलेगा.
इस घटना के बाद BJP ने बिहार सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है. बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता और लखीसराय से विधायक विजय कुमार सिन्हा ने दावा किया कि बिहार के हर जिले में जहरीली शराब बिक रही है. उन्होंने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा,
वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घटना को दुखद बताते हुए कहा कि उन्हें पता चला है, वो इसकी पूरी जानकारी लेंगे. बख्तियारपुर में मीडिया से बात करते हुए नीतीश ने कहा कि उन्हें पत्रकारों से ही इसकी जानकारी मिली है.
बिहार पुलिस ने एक प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि मोतिहारी के तुरकौलिया और पहाड़पुर में 4 लोगों की संदेहास्पद मौत हुई है. आशंका जताई जा रही है कि इनकी मौत जहरीली शराब पीने की वजह से हुई है. पुलिस के मुताबिक, एक फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंचने वाली है. अब तक 7 लोगों को हिरासत में लिया गया है.
छपरा में 70 लोगों की हुई थी मौतइससे पहले दिसंबर 2022 में छपरा में जहरीली शराब पीने से कम से कम 70 लोगों की मौत हुई थी. ये घटना शराबबंदी के बाद सबसे दर्दनाक थी. इस घटना के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार विधानसभा में एक बयान दिया था जिसकी खूब आलोचना हुई थी. नीतीश ने कहा था,
इसके अलावा सीएम ने कहा था कि शराब पीकर मरने वालों के परिवार को कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा.
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शराबबंदी लागू होने के बाद 2021 तक जहरीली शराब पीने से 200 लोगों की मौत हुई. हालांकि सरकारी आंकड़े कुछ और हैं. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के डेटा के मुताबिक, इस दौरान शराब से जुड़ी सिर्फ 23 लोगों की मौत हुई. एक्सप्रेस ने अलग-अलग घटनाओं का विश्लेषण कर आंकड़े जुटाए थे. अगर 2022 में हुई घटनाओं को जोड़ लें तो अब तक ऐसी घटनाओं में 300 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं. पिछले साल होली के मौके पर कई जिलों से ऐसे मामले सामने आए थे. भागलपुर, बांका, मधेपुरा जिलों में कम से कम 32 लोगों की मौत हुई थी.
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