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भिवानी हत्या: क्या जुनैद और नासिर के पास कोई गाय मिली थी? आरोपी घंटों कार में लेकर क्यों घूमे?

जांच में हैरान कर देने वाला घटनाक्रम पता चला.

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23 फ़रवरी 2023 (अपडेटेड: 23 फ़रवरी 2023, 12:40 PM IST)
Bhiwani Killing: Police sources reveal new findings in case
(बाएं-दाएं) आरोपी मोनू मानेसर और रिंकू सैनी. (फोटो- इंडिया टुडे)
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भिवानी हत्याकांड केस में पुलिस की पड़ताल जारी है. जांच में एक बड़ी जानकारी सामने आई है. राजस्थान पुलिस की टीम ने बताया है कि कथित गौरक्षकों के दो गुट 15 फरवरी के दिन घायल जुनैद और नासिर को लेकर 15 घंटे तक पूरे हरियाणा में घूमे थे. अगले दिन सुबह जुनैद और नासिर की अधजली लाश उन्हीं की बोलेरो से बरामद की गई थी.

जुनैद और नासिर की लाश हरियाणा के भिवानी जिले के लोहारू इलाके में मिली थी. इंडियन एक्सप्रेस से जुड़े दीप मुखर्जी की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस के सूत्रों ने बताया कि जुनैद और नासिर की हत्या में कथित रूप दो गुट शामिल थे. दो गुटों में से एक मेवात क्षेत्र (जिसमें हरियाणा और राजस्थान के कुछ इलाके आते हैं), और दूसरा हरियाणा के जींद-भिवानी-करनाल इलाके का है.    

रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस मामले में अब तक नौ लोगों के शामिल होने की पुष्टि हो चुकी है. इसके अलावा कम से कम एक दर्जन से अधिक संदिग्धों की जांच की जा रही है. इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए भरतपुर IG गौरव श्रीवास्तव ने बताया,

“जिस स्कॉर्पियो कार में जुनैद और नासिर को आरोपी गौरक्षक लेकर गए थे, उस कार को हरियाणा के जींद इलाके में भी देखा गया था.”

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गौरक्षकों के दो गुटों इस हत्याकांड में शामिल थे. उन्होंने कहा,

“एक गुट मेवात इलाके में एक्टिव है. इसमें रिंकू सैनी, अनिल और श्रीकांत नाम के शख्स शामिल हैं. 15 फरवरी के दिन ये गुट एक दूसरे गुट के साथ काम कर रहा था, जो जींद-भिवानी-करनाल इलाके में एक्टिव है. इस दूसरे गुट में आरोपी मोनू राणा, कालू, विकास, शशिकांत, किशोर और गोगी शामिल हैं.”

राजस्थान पुलिस द्वारा जारी की गई आठ आरोपियों की सूची में इन सभी के नाम शामिल हैं. दिलचस्प बात ये कि इन आठ लोगों में गिरफ्तार किए गए रिंकू सैनी का नाम शामिल नहीं है. मोनू मानेसर का नाम भी सूची में नहीं है. उस पर पहले आरोप लगे थे. लेकिन पुलिस की तरफ से साफ किया गया है कि वो अभी भी एक संदिग्ध है.

मामले की जांच से जुड़े अधिकारी ने एक और खुलासा किया. अखबार के मुताबिक अधिकारी ने बताया कि दो गौरक्षक गुटों ने 15 फरवरी की सुबह जुनैद और नासिर को पकड़ लिया था. लेकिन उन्हें दोनों के पास से कोई भी ‘गाय नहीं मिली’ थी. पुलिस अधिकारी ने कहा,

“जुनैद और नासिर के पास से कोई भी गाय न मिलने के बाद गौरक्षकों ने दोनों को हरियाणा में प्रवेश करने से पहले बुरी तरह पीटा था. इसके बाद मामला हाथ से निकल चुका था. जुनैद और नासिर को पकड़ने के दो घंटे के भीतर गौरक्षक उन्हें हरियाणा पुलिस को सौंपने जा रहे थे. लेकिन ज्यादा घायल होने की वजह से हरियाणा पुलिस ने उन्हें लेने से इनकार कर दिया.”

इसके बाद गौरक्षक गुट पीड़ितों को लेकर घंटों तक हरियाणा में घूमे. आरोपी स्कॉर्पियो कार चला रहे थे. इसके बाद रात में उन्होंने जुनैद और नासिर को उनकी बोलेरो कार में जला दिया. भरतपुर IG गौरव श्रीवास्तव ने स्कॉर्पियो को इस केस में एक अहम सबूत बताया है. गौरव ने आगे बताया कि पुलिस को ये सारी जानकारी रिंकू सैनी से मिली है, जिसे पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राजस्थान ADG क्राइम दिनेश MN ने बताया कि जुनैद और नासिर को गौरक्षकों ने राजस्थान के पिरूका-नौगांव इलाके से उठाया था. जिसके बाद वो उन्हें हरियाणा ले गए थे.

गाड़ी में मिले थे शव

16 फरवरी के दिन हरियाणा के भिवानी जिले में एक जली हुई बोलेरो गाड़ी में दो नर कंकाल मिले थे. बताया गया कि जुनैद और नासिर नाम के दो मुस्लिम युवकों को मारपीट के बाद जिंदा जला दिया गया था. हत्या का आरोप बजरंग दल के कार्यकर्ताओं पर लगे हैं. पुलिस ने इस मामले में निमूलथान, श्रीकांत निमरोडा, लोकेश, रिंकू सैनी, मोनू मानेसर सहित कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. मामले की जांच जारी है.

वीडियो: जुनैद और नासिर की हत्या पर गांव वालों ने क्या खुलासे किए?

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