लोगों ने दो मुंह वाला सांप तो फिर भी देखा था, लेकिन तीन नंबर वाला ऑटो नहीं देखा था
ऑटो पर नंबर भले तीन-तीन पड़े हों, लेकिन ड्राइवर साहब की ईमानदारी पर आप सवाल नहीं उठा सकते.

ओला या ऊबर के सहारे अपनी मंज़िल पर पहुंचने वालों के सामने सबसे बड़ी चुनौती होती है कि जब ड्राइवर साहब आपकी लोकेशन पर ‘पहुंच' जाएं, तब उन्हें कैसे ढूंढा जाए. कभी अगला हॉर्न बजाता है. कभी सारी लाइट्स जला देता है. तो कभी फोन पर ‘आपके पीछे, आपके आगे, आपके बाएं’ टाइप इंस्ट्रक्शन देता है. ऐसे में कैब या ऑटो को खोजने का सबसे बढ़िया तरीका है, उसका नंबर. लेकिन भारत तो कलाकारों का देश है. ऐसे कलाकार भी खूब हैं, जिनकी गाड़ी का नंबर ‘हेलिंग एप’ (अरे वही ओला-ऊबर-रैपिडो) पर कुछ होता है और नंबर प्लेट पर कुछ और. ऐसे में आप कैब तभी खोज पाते हैं, जब किस्मत साथ दे.
ऐसे में सोचिए, कि तब क्या हो, जब एक ऑटो के एक नहीं, दो नहीं, तीन-तीन नंबर हों. जी. ऐसा हुआ है. बिलकुल हुआ है. भारत में ही हुआ है. शहर का नाम है बेंगलुरु. इस मुजस्समे की तस्वीर जब से ट्विटर पर शाया हुई है, ये कौतुहल और बहस, दोनों का विषय बना हुआ है. क्योंकि लोगों ने दो मुंह वाला सांप तो फिर भी देख लिया था, लेकिन तीन नंबर वाला ऑटो नहीं देखा था.
चाहे जो हो, ड्राइवर साहब हैं ईमानदारजिस ऑटो की हम बात कर रहे हैं, उसके नंबर भले तीन हों, लेकिन ड्राइवर में साफगोई की कोई कमी नहीं है. उन्होंने ऑटो पर साफ-साफ लिखा हुआ है कि ओला वालों के लिए ये नंबर है. रैपिडो वालों के वो नंबर है. और एक नंबर वो है, जो आरटीओ वालों ने दिया है. माने असली नंबर. ये नंबर प्लेट पर लिखा हुआ है. इसीलिए हमने कहा, अगले की गाड़ी पर लिखे चाहे तीन नंबर हों, लेकिन आदमी है ईमानदार. ट्विटर पर सुप्रित नाम के एक यूजर ने फोटो शेयर करते हुए लिखा,
तेजस नाम के यूजर ने लिखा,
कृष्णा नाम के यूजर ने तो ओला , रैपिडो और ऊबर से सवाल पूछ लिया. उन्होंने लिखा,
सर्वेश जोशी नाम के यूजर ने लिखा,
प्रवीण नाइक नाम के यूजर ने लिखा,
तो मितरों, ये थी तीन नंबर वाले एक ऑटो की कहानी. आपको ऐसे और आटो/कैब का पता चले, तो कॉमेंट बॉक्स में हमें बताएं.
वीडियो: ऑटो ड्राईवर महिला से भिड़ा, बोला- 'मैं हिंदी क्यों बोलूं, तुम कन्नड़ बोलो'

.webp?width=60)

