अनुराग ठाकुर को बीसीसीआई में 'ठकुरई' महंगी पड़ सकती है. बीसीसीआई के काम करने केतरीकों को लेकर एक कमेटी बनी थी. नाम है लोढ़ा कमेटी. इस कमेटी ने कुछ सिफारिशें कीथीं, जिसे प्रेसिडेंट अनुराग ठाकुर की बीसीसीआई ने मानने से इंकार कर दिया. लिहाजाकोर्ट कचहरी हो गई. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा, 'बीसीसीआई लोढ़ा कमेटी कीसिफारिशें बिना किसी शर्त के मानेगी. या फिर कोर्ट को इसके लिए ऑर्डर पास करने कीजरूरत है? बीसीसीआई शुक्रवार तक सभी सिफारिशों को मानने का हलफनामा दे. नहीं तो हमआदेश जारी करेंगे.' इस केस में कोर्ट की तरफ से पूरी जांच-पड़ताल कर रहे एमिकसक्यूरी गोपाल सुब्रमण्यम ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, 'इस केस में बीसीसीआई के टॉपएडमिनिस्ट्रेशन पर बैठे लोगों को हटा दिया जाए.' सुप्रीम कोर्ट ने भी इस सिफारिश परतथास्तु मूड में आते हुए गोपाल सुब्रमण्यम से कहा, 'नए एडमिनिस्ट्रेटर खोजे जाएं,ताकि पुराने वाले हटाए जाएं तो विकल्प रहें.' बता दें कि लोढ़ा कमेटी ने बीसीसीआईपर सिफारिशें लागू न करने का आरोप लगाया है. केस चल रहा है सुप्रीम कोर्टमें. बीसीसीआई के डर से कान खड़े हो रखे हैं. लिहाजा सुप्रीम कोर्ट में बीसीसीआई कीतरफ से केस लड़ने कपिल सिब्बल खड़े हो रखे हैं. कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट मेंगुरुवार को जवाब दाखिल किया. इस दाखिलनामे की टेक्निकल चीजों पर बाद में आएंगे.पहले कबिल सिब्बल और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया टीएस ठाकुर की सुनवाई के दौरान हुई बतकहीपर आते हैं. जस्टिस टीएस ठाकुर: क्या एडमिनिस्ट्रेटर्स के पास कोई स्पेशल स्किलहैं? कपिल सिब्बल: हां हैं न. अनुराग ठाकुर क्रिकेटर है. जस्टिस टीएस ठाकुर: यहांहर कोई क्रिकेटर हैं. मैं भी सुप्रीम कोर्ट के जजों की क्रिकेट टीम का कप्तान हूं.क्या अनुराग ठाकुर एक सीरियस क्रिकेटर हैं या वो सीरियस 'प्लेयर' हैं? यहां पहलेकपिल सिब्बल के जवाब को क्लीयर कर देते हैं. दरअसल किसी भी क्रिकेट एसोसिएशन काप्रेसिडेंट बनने के लिए एक क्रिकेट मैच खेलना जरूरी होता है. बताते हैं कि हिमाचलप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन का प्रेसिडेंट बनने से पहले अनुराग ठाकुर ने एक मैच खेलाथा. अनुराग इस मैच में सीधा कप्तान बनकर उतरे थे. दरअसल लोढ़ा कमेटी ने जोसिफारिशें की हैं, बीसीसीआई उसको मानने के लिए तैयार नहीं है. बीसीसीआई ने सुप्रीमकोर्ट में कहा, 'लोढ़ा कमेटी की ज्यादातर सिफारिशों को वोटिंग सिस्टम के जरिएरिजेक्ट किया गया. लोढ़ा कमेटी से जो मेल्स आई हैं, उनकी एक डिटेल्ड मेल सुप्रीमकोर्ट में जमा की गई है.' बीसीसीआई का कहना है कि अगर लोढ़ा बोर्ड की सारीसिफारिशें मान ली गईं, तो सब चौपट हो जाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'बीसीसीआई कोकथनी से नहीं, करनी से कोर्ट का सम्मान करना चाहिए. बीसीसीआई को बड़ी पेमेंट के लिएपरमिशन लेनी होगी. आप एक रात में 400 करोड़ का फंड यूं ही नहीं ट्रांसफर कर सकतेहैं. अगर ऐसा करना है तो पहले लोढ़ा कमेटी की इजाजत लीजिए.' हरभजन सिंह कोर्ट सेबाहर ANI वालों के समक्ष उतर पड़े. बोले, 'IPL कोई तमाशा नहीं है लोढ़ा सर. IPL मेंयंग क्रिकेटर्स को अपनी काबिलियत दिखाने का मौका मिलता है. क्रिकेट में लोगों काफेवरेट है IPL.' तारीखों के हिसाब से पूरा लफड़ा समझाओ 14 अप्रैल 2015: एनडीटीवी कीखबर के मुताबिक, बीसीसीआई को लोढ़ा कमेटी ने एक खत लिखा. खत का मेन सवाल ये था किइंडिया में क्रिकेट कैसे चलता है? 4 जनवरी 2016: लोढ़ा कमेटी ने महीनों तक बीसीसीआईमें सुधारों को लेकर खोजबीन की. अपनी सिफारिशें तैयार कीं और कोर्ट में जमा करवादीं. 7 जनवरी 2016: अनुराग ठाकुर जब बीसीसीआई के सेक्रेटरी थे. अनुराग ने राज्यक्रिकेट एसोसिएशन वालों को खत लिखकर लोढ़ा कमेटी पर रिपोर्ट मांगी. 4 फरवरी 2016:सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई से कहा- अब रिपोर्ट पूरी पढ़ ली हो, तो जरा इसपे अपनीराय तो दो. 3 मार्च की डेडलाइन फिक्स की गई. बीसीसीआई के ढीले रवैये को लेकर खिचाईहुई सो अलग. 13 अप्रैल 2016: सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा- क्या कानून बनाकरइंडिया में क्रिकेट चलाया जा सकता है? 2 मई 2016: सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई औरस्टेट क्रिकेट एसोसिएशन वालों को लोढ़ा कमेटी की सिफारिशें मानने के लिए कहा. 18जुलाई 2016: सुप्रीम कोर्ट लोढ़ा कमेटी की करीब सभी सिफारिशें मानीं. मंत्रियों,ब्यूरोक्रेट्स और 70 साल की उम्र पार कर चुके लोगों को बीसीसीआई में अधिकारी बननेपर रोक लगाई. 28 सितंबर 2016: लोढ़ा पैनल ने कहा- अनुराग ठाकुर समेत टॉप अधिकारियोंको हटाया जाए. क्योंकि बीसीसीआई सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मान नहीं रही है.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें...अनुराग नहीं, जैकी बड़ौदा थे BCCI के सबसे यंग प्रेसिडेंटहम इस साल पाकिस्तान के साथ न खेलेंगे: अनुराग ठाकुर