BBC में इनकम टैक्स के सर्वे के दौरान डेटा क्लोनिंग हुई, लेकिन नियम क्या कहता है?
तीन दिन तक चली कार्रवाई में कंप्यूटर और मोबाइल की हुई डेटा क्लोनिंग!

बीबीसी इंडिया के दिल्ली और मुंबई दफ्तरों पर तीन दिन तक आयकर विभाग का सर्वे जारी रहा. 14 फरवरी को शुरू हुआ सर्वे 16 फरवरी को खत्म हुआ. सूत्रों का कहना है कि इस दौरान टैक्स अधिकारियों ने बीबीसी के वित्तीय दस्तावेज, लेनदेन के रिकॉर्ड, स्टॉक्स से जुड़े कागजात और एग्रीमेंट्स की जांच की. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ इंडिया टैक्स डिपार्टमेंट के प्रवक्ता ने कहा,
टैक्स अधिकारियों को सर्वे के दौरान नकदी या डिजिटल डॉक्यूमेंट्स सहित किसी भी तरह के दस्तावेज या सामान को जब्त करने की अनुमति नहीं है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या मोबाइल फोन या डिजिटल डिवाइस जैसे हार्ड डिस्क वगैरह का क्लोन तैयार कर सकते हैं? और क्या टैक्स अधिकारी जरूरी कागजातों की फोटो कॉपी बनाकर भी अपने साथ ले जा सकते हैं? आपको इस बारे में सब कुछ बताते हैं.
क्या हैं डेटा क्लोनिंग के नियम?इंडिया टुडे से जुड़े मुनीष पांडे के मुताबिक छापेमारी या सर्वे के दौरान टैक्स अधिकारियों को डिजिटल डिवाइसों की हार्ड डिस्क का क्लोन बनाने का अधिकार है. वे जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों या वित्त विभाग से जुड़े आला अधिकारियों के फोन का क्लोन भी बना सकते हैं. टैक्स अधिकारी उसे आगे की जांच के लिए अपने साथ ले जा सकते हैं.
सर्वे से इतर आयकर विभाग की रेड के दौरान अधिकारी संबंधित कंपनी से जुड़े अधिकारियों का फोन और कंप्यूटर हार्ड डिस्क को सीधे जब्त कर सकते हैं. ऐसा सबूत इकट्ठा करने के उद्देश्य से किया जाता है.
इंडिया टुडे के मुताबिक सितंबर 2022 में आयकर विभाग ने नॉन प्रॉफिट ऑर्गनाइजेशन ऑक्सफैम के ऑफिस में सर्वे किया था. उस समय आयकर अधिकारियों ने ऑक्सफैम इंडिया के सर्वर की क्लोनिंग करके सारा डेटा ले लिया था. उन्होंने कंपनी से जुड़े कुछ अधिकारियों के मोबाइल फोन्स के क्लोन भी तैयार किए थे.
इसी तरह के एक अन्य मामले में जब कर आयकर विभाग ने दिल्ली में स्थित एक न्यूज़ एजेंसी के यहां सर्वे किया था, तब भी टैक्स अधिकारियों ने फोन और डिजिटल उपकरणों की हार्ड डिस्क का क्लोन तैयार किया था.
वीडियो: बीबीसी न्यूज़ पर सरकार की कार्रवाई रिपोर्ट करने आए विदेशी पत्रकार इसे किसकी नज़र से देख रहे हैं.

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