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बांग्लादेश में बड़े संकट में ISKCON, हाई कोर्ट से बैन करने की मांग

चिन्मय दास ISKCON के सदस्य रह चुके हैं. उनकी गिरफ्तारी के खिलाफ संगठन ने 26 नवंबर को चटगांव में एक रैली भी निकाली थी. चिन्मय की गिरफ्तारी पर बांग्लादेश में हिंदू समुदाय लगातार प्रदर्शन कर रहा है.

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27 नवंबर 2024 (पब्लिश्ड: 06:30 PM IST)
Bangladesh ISKON
चिन्मय दास की गिरफ्तारी के बाद बांग्लादेश में हिंदू संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. (फाइल फोटो)
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बांग्लादेश में हिंदू नेता चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी और उससे हुए बवाल के बाद अब देश में ISKCON (इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्ण कॉन्शियसनेस) पर बैन लगाने की मांग उठी है. 27 नवंबर को एक वकील की याचिका पर हाई कोर्ट ने सरकार से पूछा कि ISKCON की हालिया गतिविधियों पर सरकार क्या कदम उठा रही है. देश के अटॉर्नी जनरल ने संगठन का नाम लिए बिना कोर्ट में कहा कि कोई देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है.

चिन्मय दास ISKCON के सदस्य रह चुके हैं. उनकी गिरफ्तारी के खिलाफ संगठन ने 26 नवंबर को चटगांव में एक रैली भी निकाली थी. चिन्मय की गिरफ्तारी पर बांग्लादेश में हिंदू समुदाय लगातार प्रदर्शन कर रहा है.

बांग्लादेशी अखबार 'द डेली स्टार' की रिपोर्ट के मुताबिक, हाई कोर्ट ने सरकार से चटगांव में इस्कॉन की 26 नवंबर की रैली और झड़प के बारे में भी पूछा गया. कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल मोहम्मद असदुज्जमान को सरकार के कदम के बारे में 28 नवंबर को जवाब दाखिल करने को कहा है.

बैन लगाने की मांग किसने की?

रिपोर्ट बताती है कि सुप्रीम कोर्ट के एक वकील मोनिरुज्जमान ने हाई कोर्ट के सामने ISKCON के बारे में दो अखबारों की रिपोर्ट को रखा था. उन्होंने संगठन पर बैन लगाने की मांग की. साथ ही चटगांव और रंगपुर में किसी अनहोनी की घटना को रोकने के लिए इमरजेंसी लगाने की अपील की.

कोर्ट ने सरकार से कहा कि वह देश की स्थिति को लेकर चिंतित है. सरकार को कानून-व्यवस्था और ज्यादा नहीं बिगड़ने देना चाहिए. इसी पर अटॉर्नी जनरल ने हाई कोर्ट से कहा कि "कोई" देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने बताया, 

"सरकार इसकी जांच कर रही है. सरकार ने हालिया मुद्दों पर राजनीतिक दलों के साथ बातचीत शुरू की है."

अब बांग्लादेश सरकार 28 नवंबर की सुबह तक कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करेगी.

क्यों हुई चिन्मय दास की गिरफ्तारी?

25 नवंबर को ढाका एयरपोर्ट पर चिन्मय दास को गिरफ्तार किया गया था. वे एक रैली में हिस्सा लेने के लिए चटगांव जाने वाले थे. 26 नवंबर को स्थानीय कोर्ट ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था. इसके बाद बांग्लादेश के कई हिस्सों में हिंदू संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शन के दौरान चटगांव में एक वकील की मौत भी हो गई थी.

ये भी पढ़ें- चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी पर भारत सरकार का बयान आ गया, बांग्लादेश को दो टूक बात कह दी

चिन्मय दास हिंदू संगठन 'बांग्लादेश सम्मिलिता सनातनी जागरण जोत' के प्रवक्ता हैं. वे चटगांव के पास पुंडरीक धाम के प्रमुख भी हैं. वे इस्कॉन के सदस्य रह चुके हैं. इसलिए, इस्कॉन उनकी गिरफ्तारी का विरोध कर रहा है.

चिन्मय को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. 30 अक्टूबर को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के एक नेता की शिकायत पर चटगांव में केस दर्ज किया गया था. उन पर आरोप है कि 25 अक्टूबर को हिंदू समुदाय की एक रैली के दौरान उन्होंने बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया था.

वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: बांग्लादेश में इस्कॉन के चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी, विदेश मंत्रालय क्या बोला?

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