आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी ने की थी कीमती सामान चोरी की शिकायत, दीवार तोड़ने पर सब वहीं मिला!
इससे पहले यूनिवर्सिटी में दफन मिली थी महंगी सरकारी सफाई मशीन. बढ़ सकती हैं आजम और बेटे अब्दुल्ला की मुश्किलें.

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के रामपुर (Rampur) स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी (Mohammad Ali Jauhar University) में पुलिस की एक और कार्रवाई हुई है. बुधवार, 21 सितंबर को यूपी पुलिस ने यूनिवर्सिटी की मेडिकल बिल्डिंग की दीवार तोड़ दी. बताया गया है कि पुलिस ने मामले के आरोपियों की निशानदेही पर दीवार तोड़ने की कार्रवाई की है.
दीवार के पार क्या मिला?पुलिस की इस कार्रवाई का वीडियो भी सामने आया है. इसमें दीवार के पास कई पुलिसकर्मी दिख रहे हैं. मामले के दो आरोपी सालिम और अनवर भी वहां मौजूद हैं. दीवार टूटने के बाद अंदर लकड़ी का सामान पड़ा दिख रहा है. इसे यूनिवर्सिटी के मदरसा आलिया का फर्नीचर बताया गया है, जिसे मेडिकल कॉलेज बिल्डिंग में छिपाकर रखा गया था.
आजतक से जुड़े आमिर की रिपोर्ट के मुताबिक, मदरसा आलिया के प्रिंसिपल जुबैर अहमद खान ने पुष्टि की है कि लकड़ी का ये सामान मदरसा का फर्नीचर है. काफी समय पहले इस फर्नीचर के चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी. इससे पहले जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन से एक महंगी सफाई मशीन और लिफ्ट शाफ्ट से किताबें खोदकर निकाली गई थीं.
मामला क्या है?समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर हैं. यूनिवर्सिटी में एक के बाद एक ऐसी चीजें मिल रही हैं, जिनके पहले चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. जौहर यूनिवर्सिटी की तरफ से ही चोरी की शिकायत की गई थी. लेकिन अब वही सब यूनिवर्सिटी के अंदर से मिल रहा है. ऐसे में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक अब्दुल्ला आजम के दो 'करीबी' जानकारों की निशानदेही पर ही यूनिवर्सिटी में खुदाई करने और दीवार तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है. सालिम और अनवार नाम के ये दोनों युवक अब्दुल्ला आजम के 'दोस्त' बताए जा रहे हैं. कुछ दिन पहले पुलिस ने इन्हें जुआ खेलने के आरोप में गिरफ्तार किया था. पुलिस के अलावा प्रवर्दन निदेशालय ने भी दोनों से पूछताछ की थी. उसके बाद ही जौहर यूनिवर्सिटी में खोदा खादी, तोड़ा तोड़ी शुरू हुई.
इसी सिलसिले में पुलिस पहले जेसीबी लेकर जौहर यूनिवर्सिटी पहुंची थी. खुदाई में रामपुर नगर पालिका की एक कीमती सफाई मशीन निकली. खबरों के मुताबिक इस मशीन को इस्तेमाल के बाद काटकर जमीन में दफ्ना दिया गया था. पुलिस ने बताया कि पिछली सरकार के समय खरीदी गई इस मशीन को शहर की सफाई के लिए मंगवाया गया था, लेकिन वहां इस्तेमाल करने के बजाय इसे यूनिवर्सिटी में यूज किया जा रहा था. आरोपी सालिम और अनवार ने ही इस मशीन को कटवाकर दफन करवाया था.
अंदर से निकलीं कीमती किताबेंमंगलवार को पुलिस यूनिवर्सिटी की लिफ्ट शाफ्ट पहुंची. उसे तोड़ा तो अंदर से कीमती किताबें निकलीं. कहा गया कि मदरसा आलिया की ये किताबें सैकड़ों साल पुरानी हैं. 2019 में जौहर यूनिवर्सिटी ने इन किताबों के चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. लेकिन अब वहीं से इन किताबों का मिलना कई सवाल खड़े कर गया है. पुलिस के मुताबिक करीब 2500 किताबें 2019 में ही बरामद कर ली गई थीं. 7000 किताबें और ढूंढनी थीं, जिन्हें अनवार और सालिम के जरिए यूनिवर्सिटी की दीवार तोड़कर निकाला गया.
दो दिन से हो रही इस कार्रवाई के चलते कहा जा रहा है कि यूनिवर्सिटी के वीसी और सपा नेता आजम खान की मुश्किलें फिर बढ़ने वाली हैं. यूपी पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि यूनिवर्सिटी में कीमती सामान छिपाने का काम यूनिवर्सिटी प्रशासन, इसके कुलपति और उनके साथियों ने मिलकर किया था. जेसीबी मशीन दफनाने के मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम के अलावा चार अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हो चुका है. इसे लेकर अब तक आजम या अब्दुल्ला की तरफ से कोई सफाई या बयान नहीं आया है.
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