BJP सरकार वाले राज्यों में ही आयुष्मान योजना का ये हाल हो जाएगा, किसने सोचा था!
अस्पताल में भर्ती के मामले में पहले तीन नंबर पर गैर-बीजेपी शासित राज्य.

आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat) का लाभ उठाने के मामले में गैर-बीजेपी शासित राज्य आगे हैं. आयुष्मान योजना, जिसे पीएम जन आरोग्य योजना (PM-JAY) भी कहते हैं. हाल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने संसद में डेटा जारी किया है. सरकार के मुताबिक, साल 2022-23 में इस योजना के तहत 1.08 करोड़ लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया. अस्पताल में भर्ती के मामले में राजस्थान, छत्तीसगढ़ और केरल जैसे राज्य आगे हैं. आयुष्मान योजना के तहत एक परिवार को सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के लिए सालाना पांच लाख रुपए का कवर मिलता है.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने जो डेटा जारी किया है वो 2 फरवरी तक का है. इसके मुताबिक आयुष्मान कार्ड के तहत सबसे ज्यादा राजस्थान में 13.66 लाख लोग अस्पताल में भर्ती हुए. इसके बाद छत्तीसगढ़ में 10.73 लाख और केरल में 10.44 लाख लोगों को योजना का लाभ मिला. मध्य प्रदेश 10.11 लाख हॉस्पिटल भर्ती के साथ चौथे नंबर पर है. उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य हैं. लेकिन बीते साल इन राज्यों में लाभार्थियों की संख्या काफी कम रही है. साल 2022-23 में, उत्तर प्रदेश में 6.65 लाख और महाराष्ट्र में सिर्फ 97 हजार लोगों ने इसका लाभ लिया.
अब तक 4.34 करोड़ लोग भर्ती हुएसितंबर 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष्मान भारत योजना को लॉन्च किया था. योजना नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) के तहत चल रही है. इस योजना के तहत 10 करोड़ परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य था. आबादी के हिसाब से देखें तो करीब 50 करोड़ लोगों को इससे जोड़ना था. सरकार के मुताबिक, देश भर में 2 फरवरी 2023 तक आयुष्मान कार्ड के दायरे में 23 करोड़ लोग आ चुके हैं.
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, योजना के तहत अब तक 4.34 करोड़ लोगों (हॉस्पिटल भर्ती) ने लाभ लिया है. इसके लिए सरकार ने कुल 51 हजार करोड़ से ज्यादा क्लेम भुगतान किया है. प्रति व्यक्ति औसत खर्च को देखें, यह 11,924 रुपये है.
आयुष्मान योजना के तहत केंद्र सरकार राज्यों को फंड जारी करती है. सभी राज्य सरकार मरीजों के क्लेम पर हॉस्पिटल को भुगतान करती है ना कि कार्डधारक को. सरकार के मुताबिक, साल 2022-23 में औसतन प्रति व्यक्ति हॉस्पिटल को 13,703 रुपये का भुगतान किया गया. वहीं पिछले साल ये साढ़े 10 हजार के करीब था. योजना के तहत देश भर में अब तक 28 हजार हॉस्पिटल जुड़ चुके हैं. यानी आयुष्मान कार्ड दिखाकर बिना किसी पेमेंट के आप इन अस्पतालों में इलाज करा सकते हैं.
आयुष्मान योजना में कई फर्जी क्लेम के मामले सामने आ चुके हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 17 राज्यों में 24,152 क्लेम फर्जी पाए गए थे. इनमें 26 फीसदी फेक क्लेम सिर्फ पंजाब और हरियाणा के थे. योजना के तहत आने वाले अस्पतालों ने फर्जी बिलों के जरिये सरकार से क्लेम का भुगतान करवाया था.
वीडियो: आयुष्मान भारत: 11 करोड़ लोगों को 5 लाख का बीमा देने वाली स्कीम में झोल कहां है?

