The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Attacks on Bihari laborers: Manish Kashyap accused of sharing fake videos and false propaganda

मनीष कश्यप ने 'बिहारियों पर हमले' को साबित करने के लिए जो वीडियो डाले, उनका सच क्या है?

तमिलनाडु में बिहार के प्रवासी मजदूरों पर हमले के फेक वीडियो और खबरें वायरल करने का मामला तूल पकड़ चुका है.

Advertisement
Attacks on Bihari laborers, Manish Kashyap accused of sharing fake videos
बिहारी मजदूरों पर हमले की फेक जानकारी शेयर करने के आरोप में मनीष पर FIR. (तस्वीर/स्क्रीनशॉट- ट्विटर)
pic
प्रशांत सिंह
9 मार्च 2023 (अपडेटेड: 9 मार्च 2023, 04:12 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

तमिलनाडु में बिहार के प्रवासी मजदूरों पर हमले (Bihar migrant workers attacked in Tamil Nadu) के फेक वीडियो और खबरें वायरल (Fake videos) करने का मामला तूल पकड़ चुका है. बिहार पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए यूट्यूबर मनीष कश्यप के खिलाफ FIR दर्ज की है. FIR के बाद से मनीष कश्यप पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी हुई है. 

इस बीच ट्विटर पर कुछ वीडियो वायरल हो रहे हैं. इनके आधार पर आरोप लग रहा है कि मनीष कश्यप ने तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों पर हमले के दावे को सही साबित करने के लिए ‘स्क्रिप्टेड’ वीडियो शेयर किए थे. मनीष के ट्विटर हैंडल से एक के बाद एक पोस्ट किए जा रहे हैं. बुधवार, 8 मार्च को भी उनके ट्विटर अकाउंट से एक पोस्ट किया गया. इसमें प्रवासी मजदूरों के लिए आवाज उठाने की बात दोहराते हुए बिहार सरकार को घेरा गया.

ट्वीट में लिखा था,

Image embed

मनीष ने आगे लिखा कि मजदूरों को तमिलनाडु में जो ‘मार’ पड़ी है वो सच है कि झूठ इसकी जानकारी तो सरकार और प्रशासन ही देगा. लेकिन बिहारी मजदूर राज्य से बाहर जाकर मार खाते हैं, भगाए जाते हैं, इसके लिए दोषी सरकार ही है.

मनीष ने तेजस्वी यादव पर आरोप लगाते हुए लिखा,

Image embed
Image embed

वीडियो का सच क्या है?

बिहार के मजदूरों पर तमिलनाडु में हमले की बात करने वाले मनीष कश्यप पर फेक विडियो फैलाने के आरोप लगे हैं. तमिलनाडु पुलिस ने वीडियो को फेक बताया है. पुलिस ने जो वीडियो पोस्ट किया है, उसमें मजदूर बन कर बैठे दो लोग वीडियो शुरू होने से पहले हंसते हुए नजर आ रहे हैं. वीडियो यहां देखा जा सकता है.

Image embed

अलीशान जाफरी नाम के एक पत्रकार ने भी पोस्ट करते हुए इस फेक वीडियो की जानकारी दी है. 

Image embed

अलीशान ने मनीष पर प्रोपेगेंडा फैलाने के आरोप भी लगाए. एक और ट्वीट शेयर करते हुए अलीशान ने लिखा कि जिस चैनल पर ये वीडियो दिखाया गया, वो प्रोपेगेंडा कॉन्टेंट से भरा पड़ा है. उनके मुताबिक एक वीडियो में 50 लोगों के मारे जाने की बात कही गई है, जो कि झूठ है.

Image embed

वहीं चंदन नाम के एक अन्य ट्विटर यूजर ने बुधवार देर रात दो वीडियो के स्क्रीनशॉट ट्विटर पर शेयर किए. उन्होंने बताया, 

Image embed
Image embed

इस सबके बीच मनीष कश्यप ने बिहार के मजदूरों पर हमले की जांच के लिए एक स्वतंत्र कमेटी बनाने की बात कही है. उन्होंने ट्वीट कर लिखा,

Image embed
Image embed

मनीष ने आगे लिखा कि स्वतंत्र कमेटी में पक्ष और विपक्ष के नेता, बिहार के समाजसेवी, पत्रकार, वकील, रिटायर्ड IAS/IPS अधिकारी और रिटायर्ड जज होने चाहिए.

जांच में 30 वीडियो मिले थे

इस मामले की जांच में लगी बिहार पुलिस की एक शाखा EOU के पुलिस अधिकारियों ने बताया था कि कुल 30 फेक वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट का पता लगा है. पुलिस ने इन वीडियो को हटाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भी नोटिस जारी किए हैं. फेसबुक को 9 नोटिस दिए गए हैं. ट्विटर और यूट्यूब को 15-15 नोटिस जारी किए गए हैं. वहीं तीन नोटिस Gmail को भी भेजे गए. 

PTI की खबर के मुताबिक EOU की 10 लोगों की टीम इस मामले की जांच में जुटी है. अधिकारियों ने मामले में सख्त कार्रवाई करने की बात कही है. बिहार सरकार ने चार अधिकारियों की एक टीम तमिलनाडु भी भेजी है, जो इसी मामले की जांच में लगे वहां के अधिकारियों की मदद करेगी.

वीडियो: अरविंद केजरीवाल ने क्यों कहा, होली पर पूरे दिन पूजा करूंगा, आप भी करना?

Advertisement

Advertisement

()