घरवालों को भी ATM कार्ड न देना, वरना बैंक का ये नियम आपके पैसे डुबो सकता है
एक महिला ने अपने पति को कार्ड दिया, जानिए उसके साथ क्या हुआ.
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आपका एटीएम बस आपका है किसी और का नहीं.
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'अरे सुन, उधर जा रहा है तो मेरा एटीएम कार्ड ले जा. पैसे निकाल लाना.' ये एक बहुत कॉमन आदत है. हम अपने भाई-बहन, पति, पत्नी, यार, दोस्त को अपना एटीएम कार्ड दे देते हैं. लेकिन यह आदत किसी दिन पैसों की चपत लगा सकती है.
दरअसल एक केस में उपभोक्ता अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि आपका एटीएम एक अहस्तांतरणीय संपत्ति (Non-Transferable Property) है. एटीएम कार्ड जिसके नाम पर जारी हुआ है उसके अलावा कोई और इसका उपयोग नहीं कर सकता.

ATM कार्ड का इस्तेमाल सोच समझ करें.
2013 में बेंगलुरू की रहने वाली वंदना प्रेगनेंट थी इसलिए उन्होंने अपना एसबीआई का एटीएम कार्ड अपने पति को पैसे निकालने के लिए दिया. उनके पति राजेश ने उनके एटीएम से 25,000 रुपए निकालने की कोशिश की. लेकिन किसी वजह से पैसे नहीं निकले और विड्रॉल स्लिप आई जिसमें 25,000 रुपए खाते से निकलने का मैसेज था. टेक्निकल कारणों से ऐसा होना आम बात है. इसलिए उन्होंने बैंक के कस्टमर केयर पर बात की तो केयर वालों ने 24 घंटे के अंदर रिफंड की बात कही. लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो बैंक में शिकायत दर्ज करवाई गई.
बैंक ने यह कहते हुए रिफंड से मना कर दिया कि एटीएम वंदना के नाम पर है जबकि पैसे उनके पति निकाल रहे थे. एटीएम का पिन किसी के साथ शेयर नहीं कर सकते. और न ही किसी और का एटीएम कार्ड इस्तेमाल कर सकते हैं.

SBI के एक ATM कार्ड का फोटो जिसमें ऊपर अहस्तांतरणीय लिखा है.
इसके बाद पति-पत्नी उपभोक्ता अदालत पहुंचे. लेकिन बैंक ने अपना नियम वहां भी बताया. साथ ही उस एटीएम मशीन की सीसीटीवी फुटेज भी दिखाई. इस फुटेज में सिर्फ वंदना के पति राजेश ही दिखाई दिए. वंदना आस-पास भी दिखाई न दी.
उन्होंने एक आरटीआई का हवाला देकर दलील दी कि एटीएम मशीन में पैसे होने के बावजूद पैसे नहीं निकले. लेकिन बैंक ने अपने कागजातों को दिखा मशीन में पैसे होने से भी इंकार किया.
कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया जिसमें कहा कि एटीएम कार्ड नॉन-ट्रांसफरेबल है. इसका उपयोग बस इसका ऑनर ही कर सकता है. वंदना को कोई अथॉरिटी लेटर या चैक पैसा निकालने के लिए देना चाहिए था. बैंक ने नियमों का पालन किया है. ऐसे में पैसे वापस नहीं किए जाएंगे.

पंजाब नेशनल बैंक के एक ATM कार्ड का फोटो.
जब बैंक एटीएम कार्ड जारी करता है तो उसके साथ में एक रूलबुक भी देता है. इस रूलबुक में बहुत स्पष्ट लिखा होता है कि अपना एटीएम पिन किसी को ना बताएं. परिजन और बैंक कर्मचारियों को भी नहीं. साथ ही एटीएम के ऊपर भी अहस्तांतरणीय लिखा होता है. इसलिए अपना एटीएम कार्ड खुद ही इस्तेमाल करें.
ज़्यादा समस्या हो तो ये डायलॉग याद कर लें...
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दरअसल एक केस में उपभोक्ता अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि आपका एटीएम एक अहस्तांतरणीय संपत्ति (Non-Transferable Property) है. एटीएम कार्ड जिसके नाम पर जारी हुआ है उसके अलावा कोई और इसका उपयोग नहीं कर सकता.

ATM कार्ड का इस्तेमाल सोच समझ करें.
2013 में बेंगलुरू की रहने वाली वंदना प्रेगनेंट थी इसलिए उन्होंने अपना एसबीआई का एटीएम कार्ड अपने पति को पैसे निकालने के लिए दिया. उनके पति राजेश ने उनके एटीएम से 25,000 रुपए निकालने की कोशिश की. लेकिन किसी वजह से पैसे नहीं निकले और विड्रॉल स्लिप आई जिसमें 25,000 रुपए खाते से निकलने का मैसेज था. टेक्निकल कारणों से ऐसा होना आम बात है. इसलिए उन्होंने बैंक के कस्टमर केयर पर बात की तो केयर वालों ने 24 घंटे के अंदर रिफंड की बात कही. लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो बैंक में शिकायत दर्ज करवाई गई.
बैंक ने यह कहते हुए रिफंड से मना कर दिया कि एटीएम वंदना के नाम पर है जबकि पैसे उनके पति निकाल रहे थे. एटीएम का पिन किसी के साथ शेयर नहीं कर सकते. और न ही किसी और का एटीएम कार्ड इस्तेमाल कर सकते हैं.

SBI के एक ATM कार्ड का फोटो जिसमें ऊपर अहस्तांतरणीय लिखा है.
इसके बाद पति-पत्नी उपभोक्ता अदालत पहुंचे. लेकिन बैंक ने अपना नियम वहां भी बताया. साथ ही उस एटीएम मशीन की सीसीटीवी फुटेज भी दिखाई. इस फुटेज में सिर्फ वंदना के पति राजेश ही दिखाई दिए. वंदना आस-पास भी दिखाई न दी.
उन्होंने एक आरटीआई का हवाला देकर दलील दी कि एटीएम मशीन में पैसे होने के बावजूद पैसे नहीं निकले. लेकिन बैंक ने अपने कागजातों को दिखा मशीन में पैसे होने से भी इंकार किया.
कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया जिसमें कहा कि एटीएम कार्ड नॉन-ट्रांसफरेबल है. इसका उपयोग बस इसका ऑनर ही कर सकता है. वंदना को कोई अथॉरिटी लेटर या चैक पैसा निकालने के लिए देना चाहिए था. बैंक ने नियमों का पालन किया है. ऐसे में पैसे वापस नहीं किए जाएंगे.

पंजाब नेशनल बैंक के एक ATM कार्ड का फोटो.
जब बैंक एटीएम कार्ड जारी करता है तो उसके साथ में एक रूलबुक भी देता है. इस रूलबुक में बहुत स्पष्ट लिखा होता है कि अपना एटीएम पिन किसी को ना बताएं. परिजन और बैंक कर्मचारियों को भी नहीं. साथ ही एटीएम के ऊपर भी अहस्तांतरणीय लिखा होता है. इसलिए अपना एटीएम कार्ड खुद ही इस्तेमाल करें.
ज़्यादा समस्या हो तो ये डायलॉग याद कर लें...
"माई एटीएम इज माई एटीएम, नन ऑफ योर एटीएम."
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