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अतीक हत्याकांड के जांच आयोग में कौन-कौन शामिल? तीन सदस्यों वाली न्यायिक कमेटी बनी

दो महीने के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने का आदेश.

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16 अप्रैल 2023 (अपडेटेड: 17 अप्रैल 2023, 03:44 PM IST)
Atiq Ahmed murder case
पुलिस हिरासत के दौरान सरेराह अतीक की गोली मारकर हत्या की गई (फोटो- पीटीआई)
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माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ हत्याकांड की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यायिक आयोग का गठन कर दिया है. आयोग को दो महीने के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश मिला है. तीन सदस्यीय आयोग की अध्यक्षता रिटायर्ड जज जस्टिस अरविंद कुमार त्रिपाठी करेंगे. जस्टिस त्रिपाठी इलाहाबाद हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज हैं. इस आयोग में उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी सुबेश कुमार सिंह और रिटायर्ड जिला जज बृजेश कुमार सोनी भी होंगे.

15 अप्रैल को पुलिस हिरासत के दौरान अतीक और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या हुई थी. यूपी पुलिस का कहना है कि हमला तब हुआ जब दोनों को मेडिकल के लिए अस्पताल लाया जा रहा था. हत्या के बाद 15 अप्रैल की देर रात उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई थी. जिसके बाद न्यायिक जांच का आदेश दिया गया था. इसके बाद राज्य के गृह मंत्रालय ने कमीशन ऑफ इन्क्वायरी एक्ट, 1952 के तहत आयोग का गठन किया है.

जस्टिस अरविंद त्रिपाठी साल 2015 में इलाहाबाद हाई कोर्ट से रिटायर हुए थे. जज बनने से पहले वे वकालत करते थे. 1974 से सिविल और क्रिमिनल केस की प्रैक्टिस की. साल 2007 में जिला और सत्र अदालत में बतौर जज उनकी नियुक्ति हुई. पांच साल बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट में अतिरिक्त जज के रूप में प्रोमोशन हुआ. साल 2013 में स्थायी जज के रूप में शपथ ली थी.

बेेटे की ‘एनकाउंटर’ में मौत के दो दिन बाद हत्या

अतीक और उसके भाई अशरफ पर प्रयागराज में हमला तब हुआ, जब यूपी पुलिस दोनों को मेडिकल के लिए ले जा रही थी. गोली मारने वाले तीनों हमलावरों को पुलिस ने उसी वक्त पकड़ लिया था. अतीक की हत्या उसके बेटे की एक कथित एनकाउंटर में मौत के ठीक दो दिन बाद हुई. 13 अप्रैल को यूपी पुलिस ने दावा किया था कि झांसी में असद और उसके सहयोगी गुलाम को एनकाउंटर में मार दिया गया.

उमेश पाल हत्याकांड की जांच में जुटी यूपी पुलिस अतीक अहमद और उसके भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही थी. अतीक अहमद की हत्या के बाद सरकार ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित कर दिया. सभी जिलों में धारा-144 लागू कर दी गई.

प्रयागराज कमिश्नरेट ने 16 अप्रैल को इस हत्याकांड पर एक प्रेस रिलीज जारी किया. इसमें बताया गया कि हमला करने वाले तीनों आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया गया. उनकी पहचान लवलेश तिवारी, मोहित उर्फ सनी और अरुण कुमार मौर्य के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक, लवलेश तिवारी के खिलाफ अवैध शराब की तस्करी, मारपीट, महिलाओं से छेड़छाड़ जैसे मामले पहले से दर्ज हैं. वहीं मोहित हत्या का प्रयास, लूट, गैंगस्टर एक्ट सहित 14 केस में आरोपी है. तीसरे आरोपी अरुण के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है.

वीडियो: अतीक अहमद और अशरफ के मर्डर पर प्रयागराज कमिश्नर ने क्या बता दिया?

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