अतीक-अशरफ हत्या का मुख्य आरोपी कौन है, पुलिस ने बताया
हत्या से दो दिन पहले भी सभी शूटर कोर्ट तक आए थे.
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अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या मामले में जांच जारी है. इस बीच आरोपियों को लेकर नई जानकारियां सामने आई हैं. मामले की जांच के लिए बनी SIT के सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया है कि इस मर्डर में सिर्फ तीन शूटर ही शामिल हैं. अब तक जांच में किसी चौथे शख्स का नाम सामने नहीं आया है. रिपोर्ट के मुताबिक अतीक-अशरफ मर्डर का मुख्य आरोपी सनी ही है. उसने ही लवलेश तिवारी और अरुण मौर्य को तैयार किया था.
'दो दिन पहले भी सभी शूटर कोर्ट तक आए थे'इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, सनी हमीरपुर जिले में कुरारा कस्बे का है. वो कुरारा थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसकी हिस्ट्रीशीट नंबर 281 है. कुरारा थाने में उसके ऊपर 14 केस चल रहे थे. हत्या से पहले तीनों आरोपी टीवी देखकर अतीक और अशरफ पर सभी जानकारी ले रहे थे.
इंडिया टुडे ने SIT सूत्रों के हवाले से बताया है कि हत्याकांड के दिन तीनों शूटर ई- रिक्शा से अस्पताल पहुंचे थे. यह भी बताया है कि 13 अप्रैल को अतीक-अशरफ की CJM कोर्ट में पेशी के दौरान भी तीनों शूटर कोर्ट तक आए थे. लेकिन भीड़ होने की वजह से वो बाहर ही रहे. सिर्फ रेकी करके वापस चले गए थे.
वहीं, आरोपी अरुण मौर्य की उम्र को लेकर पुलिस अब भी कन्फ्यूज है. अतीक की हत्या के बाद प्रयागराज पुलिस ने बताया था कि अरुण की उम्र 18 साल है. लेकिन अब पुलिस उसकी उम्र का पता लगाने के लिए 'एज आयडेंटिफिकेशन टेस्ट' करवाएगी. अरुण मौर्य मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कासगंज का रहने वाला है. लेकिन उसके परिवार के कई लोग पानीपत में ही रहते हैं.
अरुण की उम्र का झोल क्या है?रिपोर्ट के अनुसार, कासगंज में बने राशनकार्ड में अरुण का डेट ऑफ बर्थ एक जनवरी 2006 है. इसके मुताबिक हत्या वाले दिन उसकी उम्र 17साल 3 महीने 15 दिन होती है. टाइम्स नाऊ ने अरुण के वकील के हवाले से बताया है कि पिछले साल फरवरी में अरुण के खिलाफ हरियाणा पुलिस ने अवैध हथियार रखने के आरोप में केस दर्ज किया था. लेकिन तब कोर्ट ने उसे नाबालिग पाते हुए रिहा करने का आदेश दिया था. हालांकि आर्म्स एक्ट के तहत पानीपत में उसके खिलाफ एक मामला दर्ज है, जिसमें उसकी उम्र 31 साल बताई जा रही है.
कुछ दिन पहले, पानीपत के एसपी अजीत सिंह शेखावत ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया था कि जब उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट का केस दर्ज हुआ था तो उसकी उम्र करीब 18 साल थी. पानीपत में दर्ज दोनों केस में वो जमानत पर था.
इसलिए उम्र को लेकर हो रहे इस कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए पुलिस अब 'एज आयडेंटिफिकेशन टेस्ट' करवाएगी. हालांकि जुवेनाइल जस्टिस एक्ट 2015 में संशोधन के बाद जघन्य अपराध जैसे मामलों में 16-18 साल के नाबालिगों को 'व्यस्क' मानकर कार्रवाई की जा सकती है.
बीती 15 अप्रैल को अतीक अहमद और उसके भाई की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. जब अतीक अहमद और अशरफ पर हमला हुआ, उस वक्त पुलिसकर्मी दोनों को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल लेकर आए थे. इस दौरान मीडियाकर्मी अतीक और अशरफ की बाइट लेने की कोशिश कर रहे थे. तभी तीन लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी. 18 राउंड फायरिंग के बाद तीनों हमलावरों ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था.
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