अतीक अहमद हत्या: शूटर अरुण का परिवार नहीं लड़ेगा केस, दादा ने पोते के लिए बड़ी बात कह दी
'दोस्त की शादी है' बोलकर एक हफ्ते पहले घर से निकला था अरुण. फिर फोन स्विच ऑफ हो गया.

अतीक अहमद हत्याकांड (Atiq Ahmed murder) के आरोपियों के बारे में जांच पड़ताल जारी है. इस बीच एक आरोपी अरुण मौर्य के परिवार ने कहा है कि कानून उसे जो भी सजा दे, सही होगा. अरुण के दादा ने साफ कहा कि वे उसका केस नहीं लड़ेंगे. दादा मथुरा दास पानीपत के विकासनगर में रहते हैं. अरुण मौर्य मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कासगंज का रहने वाला है. लेकिन उसके परिवार के कई लोग पानीपत में ही रहते हैं.
आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक, दादा ने बताया कि 2021 में ही उसने पढ़ाई छोड़ी थी. इसके बाद इधर-उधर घूमने लगा था. एक बार किसी मामले में उसकी जमानत करवा दी थी. उन्होंने कहा,
दादा के मुताबिक, वो ज्यादा बात नहीं करता था. यहां वो 15-20 दिन में आता था, फिर चला जाता था. मथुरा दास ने बताया कि पिछले हफ्ते ही वो यहां आया था. उनके मुताबिक,
अरुण के पास 5 लाखों रुपये की पिस्टल कहां से आई? इस सवाल पर मथुरा दास कहते हैं कि वो तो कहीं जाने पर 100-200 रुपये भी उन्हीं से मांगता था. उन्होंने कहा कि बंदूक किसी ने उसे दिलवाई होगी.
अरुण के खिलाफ पानीपत में केससमाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अरुण मौर्य के खिलाफ पानीपत में पिछले साल अवैध हथियार रखने के आरोप में केस दर्ज हुआ था. एजेंसी ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि फरवरी 2022 में उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराएं लगी थी. मई 2022 में वो एक मामले में जेल भी गया था.
पानीपत के एसपी अजीत सिंह शेखावत ने पीटीआई को बताया कि जब उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट का केस दर्ज हुआ था तो उसकी उम्र करीब 18 साल थी. दोनों केस में वो जमानत पर है.
वहीं, अरुण के चाचा सुनील ने बताया कि वो मैट्रिक पास है. सुनील भी पानीपत में रहते हैं. उन्होंने मीडिया को बताया कि अरुण का एक छोटा भाई भी है जो 12 साल का है. चाचा ने कहा कि परिवार को घटना के बारे में तब चला, जब हरियाणा पुलिस मौर्य के बारे में पूछताछ के लिए उनके घर आई थी.
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