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असम पुलिस ने एक साथ 1800 लोगों को गिरफ्तार किया, मामला बच्चों से जुड़ा है

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा के आदेश पर कार्रवाई हुई.

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3 फ़रवरी 2023 (अपडेटेड: 3 फ़रवरी 2023, 01:58 PM IST)
Assam Police arrests more than 1800 people Himanta Biswa Sarma
असम के सीएम हिमंता बिस्व सरमा (फाइल फोटो- PTI)
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असम पुलिस ने बाल विवाह के खिलाफ (Assam Child marriage arrest) कार्रवाई करते हुए राज्य में 1800 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने खुद इसकी पुष्टि की है. राज्य भर में ये गिरफ्तारियां 2 फरवरी की रात से हो रही हैं. ये कार्रवाई राज्य के बाल विवाह रोकथाम कानून के तहत शुरू हुई है. सीएम हिमंत बिस्व सरमा पिछले कई दिनों से बाल विवाह में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कर रहे थे. 

2 फरवरी को उन्होंने घोषणा की थी कि पिछले 9 दिनों में बाल विवाह के खिलाफ दर्ज 4 हजार से ज्यादा मामलों में गिरफ्तारी शुरू होगी. सरमा ने कहा था कि पिछले सात सालों में जो भी बाल विवाह का हिस्सा रहे है उनके खिलाफ पुलिस केस दर्ज करेगी. उन्होंने ये भी कहा था कि इस कार्रवाई का लक्ष्य ऐसी शादी करवा रहे "मुल्ला, काजियों और पुजारियों" पर होगा. 

हिमंता बिस्व सरमा ने 3 फरवरी को ट्विटर पर लिखा कि बाल विवाह के खिलाफ जीरो टोलेरेंस अपनाएंगे. उन्होंने कहा, 

“बाल विवाह रोकथाम कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ राज्य भर में गिरफ्तारी जारी है. अब तक 1800 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है. मैंने असम पुलिस से कहा है कि वे महिलाओं के खिलाफ अक्षम्य और गंभीर अपराध के खिलाफ जीरो टोलेरेंस के तहत कार्रवाई करें.”

बीती 23 जनवरी को सरमा ने बाल विवाह के खिलाफ राज्य भर में कार्रवाई की घोषणा की थी. कहा था कि 14 साल से कम उम्र की लड़कियों के साथ शादी करने वालों के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज होगा. पोक्सो यानी यौन अपराध से बच्चों का संरक्षण कानून. वहीं 14 से 18 के बीच की लड़कियों के साथ शादी करने पर बाल विवाह कानून के तहत केस दर्ज किए जाएंगे.

इस घोषणा के बाद बाल विवाह के मामलों में असम पुलिस ने राज्य भर में 4004 केस दर्ज किए हैं. इनमें सबसे ज्यादा 370 केस ढुबरी जिले में दर्ज हुए हैं. इसके बाद होजई में 255, मोरीगांव में 224, कोकराझार में 204 केस दर्ज हुए. ढुबरी और मोरीगांव मुस्लिम बहुसंख्यक जिले हैं. हालांकि सरमा ने कहा कि ये कार्रवाई किसी खास समुदाय को टारगेट करने के लिए नहीं हो रही है. मुख्यमंत्री के मुताबिक, बाल विवाह के मामलों में केस की संख्या बढ़कर 8 से 9 हजार भी हो सकती है.

पिछले 9 दिनों में बाल विवाह के मामलों में दर्ज केस (फोटो- हिमंता बिस्वा सरमा/ट्विटर)

हिमंत बिस्व सरमा ने हाल में कहा था कि महिलाओं के मां बनने की 'सही उम्र' 22 से 30 है, ना इससे पहले और ना इसके बाद. 28 जनवरी को गुवाहाटी में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह भी कहा था कि महिलाओं को 30 की उम्र से पहले शादी कर लेनी चाहिए. मां बनने के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं पैदा होती हैं. सरमा ने कहा था कि भगवान ने इंसान के शरीर को इस तरह बनाया है हर चीज के लिए एक ‘सही उम्र’ होती है.

मुख्यमंत्री के मुताबिक, राज्य में 31 फीसदी शादियां प्रतिबंधित उम्र में हो रही हैं. बाल विवाह के खिलाफ कार्रवाई का फैसला इसलिए लिया गया ताकि ऊंची मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सके.

वीडियो: तारीख़: कौन थे असम रेजिमेंट के बदलूराम जिनका राशन खाती है सेना?

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