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दिल्ली शराब नीति केस: अब ED ने CM केजरीवाल पर ऐसा आरोप लगाया, कोर्ट ने तुरंत वारंट जारी कर दिया

ED ने चार्जशीट में कहा है कि अरविंद केजरीवाल आम आदमी पार्टी के संरक्षक हैं इसलिए पार्टी की हर गतिविधि के लिए वे जिम्मेदार हैं.

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arvind kejriwal ed
अरविंद केजरीवाल 21 मार्च से हिरासत में हैं. (फाइल फोटो)
10 जुलाई 2024
Updated: 10 जुलाई 2024 17:49 IST
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दिल्ली शराब नीति में हुए कथित घोटाले (Delhi excise policy) को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर बड़ा आरोप लगाया है. ED ने अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में कहा है कि अरविंद केजरीवाल को 'अपराध की आय' के बारे में पूरी जानकारी थी और वे उसमें शामिल थे. चार्जशीट में भी केजरीवाल को 'मुख्य साजिशकर्ता' बताया गया है. दिल्ली की एक अदालत ने ED की चार्जशीट पर संज्ञान लिया है. और केजरीवाल को 12 जुलाई को कोर्ट में पेश होने का वारंट जारी किया है.

इंडिया टुडे के पास इस 209 पन्नों की चार्जशीट की एक कॉपी उपलब्ध है. चार्जशीट में कहा गया है कि शराब नीति लागू करने में 100 करोड़ रुपये की जो रिश्वत मिली, उसमें से 45 करोड़ रुपये सीधे-सीधे आम आदमी पार्टी (AAP) को मिले हैं. आरोप है कि इसी पैसे का इस्तेमाल पार्टी ने गोवा विधानसभा चुनाव में किया था. और केजरीवाल को इसकी पूरी जानकारी थी. कहा गया कि अरविंद केजरीवाल आम आदमी पार्टी के संरक्षक हैं इसलिए पार्टी की हर गतिविधि के लिए वे जिम्मेदार हैं.

इंडिया टुडे से जुड़े अरविंद ओझा और श्रेया चटर्जी की रिपोर्ट के मुताबिक, चार्जशीट में 37वें आरोपी के तौर पर अरविंद केजरीवाल का नाम दर्ज है. वहीं पूरी आम आदमी पार्टी को भी 38वें नंबर पर आरोपी लिखा गया है. ये पहली बार है जब कथित भ्रष्टाचार के मामले में किसी राष्ट्रीय पार्टी का नाम दर्ज किया गया हो.

चार्जशीट में कहा गया है कि AAP अपराध से अर्जित आय की 'मुख्य लाभार्थी' है. इसलिए मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) की धारा-70 के तहत एक कंपनी के रूप में पार्टी भी अपराध में शामिल है. ED का दावा है कि 45 करोड़ रुपये के हवाला ट्रांजैक्शन का सबूत देने के बावजूद केजरीवाल ने कहा कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है.

ईडी ने लिखा है कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के पूर्व सचिव सी अरविंद के बीच चैट से पता चलता है कि उन्होंने जांच को भटकाने की कोशिश की थी. ये भी दावा किया कि कई सारे सबूतों को नष्ट कर दिया गया. चार्जशीट बताती है कि अरविंद केजरीवाल के 'करीबी' विनोद चौहान ने हवाला कारोबारियों के साथ सीधे-सीधे बातचीत की थी.

ये भी पढ़ें- दिल्ली शराब नीति मामले में अरविंद केजरीवाल का नाम आया कैसे?

ये भी बताया गया है कि विनोद चौहान ही गोवा चुनाव में हवाला के जरिये 25 करोड़ रुपये भेजने के लिए जिम्मेदार हैं. उन्हें इस साल मई में ED ने गिरफ्तार किया था. हवाला के जरिये जो पैसे गोवा पहुंचे, उसे चनप्रीत सिंह मैनेज कर रहे थे. चनप्रीत गोवा चुनाव के लिए पार्टी में बतौर फ्रीलांस काम कर रहे थे. वे चैरियेट प्रोडक्शन में काम करते हैं.

वहीं, चार्जशीट में ईडी को दिए गए अरविंद केजरीवाल के बयान को भी दर्ज किया गया है. इसमें केजरीवाल ने कहा है कि विजय नायर (AAP के कम्यूनिकेशन इनचार्ज) दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी और सौरभ भारद्वाज के साथ काम करते हैं, ना कि उनके साथ. नायर भी इस केस में आरोपी हैं. केजरीवाल ने ये भी कहा कि दुर्गेश पाठक गोवा चुनाव के प्रभारी थे और फंड को उन्होंने मैनेज किया था. मुख्यमंत्री का कहना है कि फंडिंग से जुड़े फैसले में उनकी कोई भूमिका नहीं है और कोई रिश्वत नहीं ली गई.

10 जुलाई को अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपनी जमानत रद्द करने के लिए ED की याचिका का विरोध किया. और कहा कि जांच एजेंसी ने उन्हें 'झूठे मनगढ़ंत कहानी' में फंसाया है और उनकी गिरफ्तारी पूरी तरह अवैध है. हाई कोर्ट में जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की बेंच अब 15 जुलाई को मामले की सुनवाई करेगी. केजरीवाल के जवाब पर ईडी की प्रतिक्रिया मांगी गई है.

वीडियो: CM अरविंद केजरीवाल को बेल नहीं मिलने को लेकर वकीलों ने जज पर क्या आरोप लगाए हैं?

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