अरुणाचल प्रदेश में अमेरिका का ये प्लान कहीं चीन और भारत को भिड़वा ना दे!
अमेरिका के इस कदम से चीन की परेशानी बढ़ सकती है.

अमेरिका भारत से अपने द्विपक्षीय संबंधों और इसकी स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर ऐसा काम करने जा रहा है, जिससे चीन भड़क सकता है. मंगलवार, 27 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश की जनजातियों के लिए एक प्रदर्शनी और फिल्म स्क्रीनिंग आयोजित की जाएगी. इसके अलावा इन जनजातियों की सांस्कृतिक विरासत को समर्पित एक वेबसाइट को भी लॉन्च किया जाएगा. दिलचस्प बात ये कि इस पूरे कार्यक्रम के लिए अमेरिकी दूतावास की तरफ से आर्थिक सहयोग दिया गया है.
भड़क सकता है चीनदरअसल, चीन अपने एजेंडे के तहत अरुणाचल प्रदेश पर दावा करता है. वो भारत के इस राज्य को ‘साउथ तिब्बत का हिस्सा’ बताता है. भारत इस दावे को खारिज करता है. अब इस मसले में अमेरिका हस्तक्षेप करने की कोशिश कर रहा है. इसके पीछे उसके अपने भू-राजनीतिक निहितार्थ हैं. उसे चीन पर नजर रखनी है. अरुणाचल प्रदेश को समर्पित एक वेबसाइट के लिए फंड देकर उसने राज्य में भारत के प्रभुत्व को समर्थन दे दिया है. इसे लेकर चीन का परेशान होना तय है.
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश के मसले पर अमेरिका पहले भी चीन को चिढ़ाने वाले काम कर चुका है. उसके पूर्व राजदूत भारत के पूर्वोत्तर राज्य का दौरा कर चुके हैं.
अक्टूबर 2019 में अमेरिका की तरफ से अरुणाचल में इस तरह का आखिरी दौरा हुआ था. ये दौरा करने वाले थे भारत में तत्कालीन अमेरिकी राजदूत केनेथ जस्टर. बाद में उन्होंने एक बयान में कहा था कि उनका दौरा इस बात का प्रमाण है कि अमेरिका अरुणाचल प्रदेश में भारत की सत्ता को अपना समर्थन देता है. जस्टर के बयान के बाद चीन और भारत के बीच तल्खी बढ़ गई थी.
पहले जताई थी आपत्तिअरुणाचल का मुद्दा चीन के लिए कितना संवेदनशील है, इसका एक और नमूना बीते महीने देखने को मिला था. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में जर्मनी के राजदूत फिलिप ऐकरमैन ने एक बयान में कह दिया था कि अरुणाचल प्रदेश पर चीन का दावा चौंकाने वाला है. इसके बाद चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने जर्मन राजदूत के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था. दूतावास की तरफ से कहा गया था कि इस मामले में हस्तक्षेप या कॉमेंट करने या पक्ष लेने के लिए किसी तीसरे पक्ष की जरूरत नहीं है.
बहरहाल, को विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर अमेरिकी दूतावास के डेप्युटी चीफ ब्रायन हीथ अरुणाचल प्रदेश की 17 जनजातियों पर बने ऑडियो-विजुअल डॉक्युमेंटेशन और वेबसाइट को लॉन्च करेंगे. भारत में अमेरिकी डिप्लोमैटिक मिशन के तहत इंडियाज ऐंबेसेडर्स फंड फॉर कल्चरल प्रेजरवेशन के अलावा भारतीय पर्यटन मंत्रालय, यूनेस्को और ICHCAP जैसी संस्थाओं ने इसके लिए आर्थिक सहयोग दिया है.
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