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सेना के असाल्ट डॉग 'ज़ूम' को मिला वीरता अवार्ड, गोली लगने के बाद भी आतंकी को नहीं छोड़ा

आतंकी मुठभेड़ में शहीद हुआ था ज़ूम.

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26 जनवरी 2023 (अपडेटेड: 26 जनवरी 2023, 03:01 PM IST)
Army dog ZOOM awarded gallantry award
असॉल्ट डॉग 'ज़ूम' (फोटो: @ChinarcorpsIA)
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भारतीय सेना के असॉल्ट डॉग (Assault Dog) यानी हमलावर कुत्ते ‘ज़ूम’ को सम्मानित (Zoom awarded Gallantry Award) किया गया है. पिछले साल अक्टूबर महीने में जम्मू कश्मीर के अनंतनाग इलाके में एक आतंकवादी मुठभेड़ के दौरान मारे गए जूम को मेंशन इन डिस्पैच (मरणोपरांत) (Mention In Despatches) अवार्ड से सम्मानित किया गया है.

मेंशन इन डिस्पैच अवार्ड एक वीरता पुरस्कार है जो युद्ध, उग्रवाद विरोधी कार्रवाई के दौरान, या किसी सैन्य अभियान के दौरान सेवा के लिए दिए जाता है. ये सम्मान अब तक सबसे सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है जो सैन्य कुत्तों को देश सेवा के लिए दिया जाता है. पिछले साल अगस्त महीने में ये सम्मान भारतीय सेना के एकस्ल डॉग को दिया गया था. एक्सल बेल्जियन मेलिनोइस ब्रीड का कुत्ता था.

ज़ूम की बहादुरी

दक्षिण कश्मीर के तंगपावा इलाके में 9 अक्टूबर की रात आतंकियों के होने की खबर मिली थी. सेना ने अगले दिन, यानी 10 अक्टूबर की सुबह ज़ूम को एक घर के अंदर भेजा था. इसी घर में आतंकवादियों के छिपे होने की खबर थी. ज़ूम जैसे ही मकान में घुसा उस पर आतंकियों ने हमला कर दिया. आतंकियों ने ज़ूम को दो गोलियां मारी जिससे ज़ूम गंभीर रूप से घायल हो गया. लेकिन इस दौरान ज़ूम ने आतंकियों को छोड़ा नहीं.

चिनार कॉर्प्स बटालियन के मुताबिक, इस ऑपरेशन के दौरान ‘ज़ूम’ गोली लगने के बावजूद आतंकियों से लगातार लड़ता रहा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ज़ूम की मदद से सुरक्षाबलों ने आतंकियों को मार गिराया. इसके बाद 'ज़ूम' को श्रीनगर में सेना के वेटेरिनरी अस्पताल ले जाया गया है. अस्पताल में इलाज के दौरान ज़ूम की मौत हो गई.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘ज़ूम’ ने दक्षिण कश्मीर में कई सक्रिय ऑपरेशन में हिस्सा लिया था. सेना के अधिकारियों के मुताबिक ‘ज़ूम’ बेहद प्रशिक्षित, आक्रामक और वफादार डॉग था. आर्मी के इस असॉल्ट डॉग को छिपे हुए आतंकियों का पता लगाने और उनके खात्मे की ट्रेनिंग दी गई थी.

सेना के डॉग्स की ट्रेनिंग

इन कुत्तों को छिपे हुए आतंकवादियों की लोकेशन में बिना नजर में आए एंट्री की ट्रेनिंग दी जाती है. इन्हें ऑपरेशनों के दौरान न भौंकने की भी ट्रेनिंग दी जाती है. अगर आतंकी इन कुत्तों को देख लें, तो ऐसी स्थिति में ये कुत्ते आतंकियों पर हमला करने में भी माहिर होते हैं.

भारतीय सेना की डॉग यूनिट में कुत्तों की कई ब्रीड मौजूद हैं. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक इसमें लैब्राडोर (Labradors), जर्मन शेफर्ड (German Shepherds), बेल्जियम मालिंस (Belgian Malinois ) और ग्रेट माउंटेन स्विस डॉग (Great Mountain Swiss Dogs) शामिल हैं. भारतीय नस्लों में मुधोल हाउंड (mudhol hound) भी डॉग यूनिट का हिस्सा हैं.

वीडियो: सेना का बहादुर डॉग ज़ूम: दो आतंकियों पर टूट पड़ा, फिर लड़कर हुआ शहीद

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