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अंडा खिलाने का आदेश आया, आंगनवाड़ी में बच्चों की थाली में अंडे रखे, वीडियो बनाया, फिर ऐसे की चोरी!

सरकार का आदेश था तो आंगनवाड़ी कर्मचारियों ने बच्चों को अंडे परोसे, वीडियो रिकॉर्ड किया और फिर जो किया वीडियो वायरल हो गया.

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10 अगस्त 2024 (अपडेटेड: 11 अगस्त 2024, 12:08 PM IST)
viral video of anganwadi workers (screengrab-india today)
आंगनवाड़ी कर्मियों का वीडियो वायरल. (स्क्रीनग्रैब - इंडिया टुडे)
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कर्नाटक के कोप्पल जिले में दो आंगनवाड़ी कर्मचारियों का एक वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया. वीडियो में देखा जा सकता है कि आंगनवाड़ी कर्मचारियों ने बच्चों को अंडे परोसे, वीडियो रिकॉर्ड किया और फिर थाली में जो किया, उसके बाद वीडियो वायरल हो गया. बड़ी कार्रवाई की गई है.  कैसे और क्या हुआ? आपको सब बताते हैं. 

मिड-डे-मील योजना के तहत, अंगवाड़ी में बच्चों को अंडे देना अनिवार्य है और इसका प्रबंध राज्य सरकार द्वारा किया जाता है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, आंगनवाड़ी कर्मचारियों की पहचान लक्ष्मी और शैनाज़ा बेगम के तौर पर हुई है. इन्होंने बच्चों की थाली में अंडे परोसे और उसके बाद वीडियो बनाया. जब वीडियो बन गया तो कुछ देर बाद अंडे बच्चों की थालियों में से वापस उठा लिए. इसी दौरान किसी ने इस घटना का वीडियो बना लिया. वीडियो वायरल होने के बाद दोनों को निलंबित कर दिया गया है.  

हाल ही में ही कर्नाटक सरकार ने मिड-डे-मील योजना के तहत राज्य के सरकारी स्कूलों के छात्रों को सप्ताह के छह दिन अंडा देने का निर्णय लिया था.  इकॉनमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कदम अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा कर्नाटक के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में राज्य सरकार के मिड-डे-मिल कार्यक्रम के पोषण संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है. अजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने इसके तहत कर्नाटक सरकार के साथ तीन साल के लिए समझौता किया है. इससे पहले  कर्नाटक राज्य सरकार मिड-डे-मील योजना के तहत छात्रों को सप्ताह के दो दिन अंडे बांटती थी.

इस समझौते पर अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन की ओर से बताया गया, 

‘फाउंडेशन के इस कदम से सप्ताह के सभी छह दिनों में अंडे की उपलब्धता से छात्रों के पोषण में काफी वृद्धि होगी. जो छात्र अंडे का सेवन नहीं करते उनके लिए एक वैकल्पिक उच्च पोषण सप्लीमेंट प्रदान किया जाएगा.'  

अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के साथ इस समझौते पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने स्कूली बच्चों को पौष्टिक भोजन देने की इस पहल के लिए अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की सराहना की थी. उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि मानसिक स्वास्थ्य और अच्छी शिक्षा के लिए गुणवत्तापूर्ण भोजन महत्वपूर्ण है. उनके मुताबिक प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के बीच MoU पर हस्ताक्षर किये गये. एमओयू के अनुसार, फाउंडेशन सप्ताह में चार दिन अंडे की आपूर्ति करने पर सहमत हुआ है. ये व्यवस्था सरकारी स्कूल और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल, दोनों के छात्रों के लिए की गई है.

फाउंडेशन के अनुसार, इन स्कूलों में ग्रेड 1 से 10 तक के 55 लाख छात्रों के लिए मिड-डे-मिल भोजन में अंडे शामिल किए जाएंगे. जैसा कि मालूम है, अंडे प्रोटीन से लेकर खनिजों तक आवश्यक पोषण सामग्री से भरपूर होते हैं. ऐसे में ये पहल स्कूली छात्रों की पोषण स्थिति में सुधार करने और उनके शारीरिक विकास में योगदान करने में मदद करेगी. 
 

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