आंध प्रदेश: जिले के नाम के आगे 'बीआर अंबेडकर' लगा, मंत्री, विधायक के घर जला दिए गए
आंध्र प्रदेश एक जिले का नाम बदले जाने के चलते पैदा हुए गुस्से की आग में जल रहा है. जिले का नाम बदले जाने से नाराज लोगों ने एक विधायक और जगन मोहन रेड्डी सरकार के एक मंत्री के घर तक को आग लगा दी है. मंगलवार 24 मई को हुई इस हिंसा के लिए सत्तारूढ़ YSRCP विपक्षी तेलुगू देशम पार्टी को जिम्मेदार ठहरा रही है.

आंध्र प्रदेश एक जिले का नाम बदले जाने के चलते पैदा हुए गुस्से की आग में जल रहा है. जिले का नाम बदले जाने से नाराज लोगों ने एक विधायक और जगन मोहन रेड्डी सरकार के एक मंत्री के घर तक को आग लगा दी है. मंगलवार 24 मई को हुई इस हिंसा के लिए सत्तारूढ़ YSRCP विपक्षी तेलुगू देशम पार्टी को जिम्मेदार ठहरा रही है.
इतना गुस्सा क्यों?कोनसीमा आंध्र प्रदेश का नवगठित जिला है. लेकिन जगन मोहन रेड्डी ने इसका नाम बदलने का फैसला किया है. उसने जिले का नया नाम बीआर अंबेडकर के नाम पर रखने का प्रस्ताव दिया है. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इसी से जिले के लोग बहुत ज्यादा खफा हैं.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को ये नाराजगी हिंसा में तब्दील हो गई. अमलापुरम में कुछ लोगों ने जगन मोहन रेड्डी की पार्टी के एक विधायक पी सतीश के घर में पहले तोड़फोड़ की फिर वहां आग लगी दी. वहीं मंत्री पी विश्वरूप के घर को भी आग के हवाले करने की कोशिश की गई. इंडियन एक्सप्रेस में छपी ख़बर के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने मंत्री के घर के फर्नी को आग के हवाले कर दिया.
मंगलवार को अमलापुरम शहर में और भी जगहों पर भीषण झड़पें और आगजनी की घटनाएं हुई हैं. नाराज़ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के वाहनों और बसों को भी निशाना बनाया और उन्हें भी आग के हवाले कर दिया. इस हिंसा को लेकर जिले के एसपी के सुब्बा रेड्डी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया,
“इस प्रदर्शन और आगज़नी में कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं. हम हिंसा को नियंत्रण करने की कोशिश कर रहे हैं."
पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों का विरोध प्रदर्शन तब उग्र हुआ जब उन्होंने अपना विरोध जताने के लिए जिला कलेक्टर के परिसर में घुसने की कोशिश की. जैसे ही पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और हवा में गोलियां चलाईं, प्रदर्शनकारियों ने उन पर पथराव करना शुरू कर दिया. इसके बाद पूरे प्रोटेस्ट ने हिंसा का रूप ले लिया.
क्या है पूरा मामला?अप्रैल महीने में जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली आंध्र प्रदेश सरकार ने 13 नए जिलों की घोषणा की थी. इनमें पूर्वी गोदावरी जिले से बना, कोनसीमा ज़िला भी शामिल है. इस ज़िले में अनुसूचित जाति की आबादी बहुलता में है. खबरों के मुताबिक इसी वजह से प्रदेश की सरकार ने ज़िले का नाम बदलकर बीआर अंबेडकर के नाम पर रख दिया. राज्य के कई दलित समूह काफी समय से इसकी मांग भी कर रहे थे. लेकिन कई लोगों को सरकार का ये फैसला नागवार गुजरा.
हिंसा के पीछे कौन?आंध्र सरकार ने इस हिंसा के लिए विपक्षी तेलुगू देशम पार्टी को जिम्मेदार ठहराया है. परिवहन मंत्री विश्वरूप ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा,
“राज्य सरकार ने अनुरोधों पर सहमति जताते हुए कोनसीमा ज़िले का नाम बदलकर अंबेडकर जिला कर दिया, क्योंकि जिले की एक बड़ी आबादी एससी समुदाय से ताल्लुक रखती है. लेकिन तेलुगू देशम पार्टी ने अशांति पैदा करने के लिए इन विरोधों को भड़काया है.”
रिपोर्ट के मुताबिक जिले का नाम बदलने का विरोध करने वालों में कुछ स्थानीय संगठनों के लोग शामिल हैं. इन समूहों के नाम कोनासीमा परिक्षण समिति, कोनसीमा साधना समिति और कोनसीमा उद्यम समिति बताए गए हैं. इनकी मांग है कि ज़िले का नाम उसके पारंपरिक नाम पर ही बरकरार रखा जाए, उसे बदला ना जाए.
हिंसा के बाद कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है. वहीं प्रशासन ने जिले की सुरक्षा के मद्देनजर एक अर्जेंट मीटिंग की है.
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