'ममता बनर्जी से बेहतर था वामपंथी शासन', अमित शाह का बेहद दिलचस्प बयान
अमित शाह ने कहा कि अवैध प्रवासन और गौ तस्करी को खत्म करने के लिए बीजेपी को बंगाल में जीत हासिल करनी होगी. उन्होंने साल 1977 से 2011 के बीच पश्चिम बंगाल में CPI (M) सरकार के 34 वर्षों के शासन का जिक्र करते हुए एक दिलचस्प बात कही.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का कहना है कि बंगाल में ममता बनर्जी सरकार से बेहतर शासन लेफ्ट का था. 27 दिसंबर को अमित शाह पश्चिम बंगाल के दौरे पर थे. यहां उन्होंने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की सरकार पर निशाना साधते हुए ये दिलचस्प बयान दिया (Amit Shah slams Mamta Banerjee). अमित शाह ने कथित अवैध प्रवासन और गौ तस्करी के मुद्दे पर कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले शासन की तुलना में वामपंथी शासन बेहतर था.
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक गृह मंत्री कोलकाता में पार्टी नेताओं की एक मीटिंग में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य में अवैध प्रवासन और गौ तस्करी को खत्म करने के लिए बीजेपी को बंगाल में जीत हासिल करनी होगी. शाह ने साल 1977 से 2011 के बीच पश्चिम बंगाल में CPI (M) सरकार के 34 वर्षों के शासन का जिक्र करते हुए कहा,
“बंगाल में कम्युनिस्ट शासन दीदी के शासन से बेहतर था. लोग यहां यही कह रहे हैं.”
गृह मंत्री ने ये भी कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) राष्ट्र के प्रति बीजेपी की प्रतिबद्धता है. इसे लागू भी किया जाएगा. उन्होंने कहा,
“ममता दीदी नए नागरिकता कानून को लेकर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रही हैं. लेकिन इसे फिर भी लागू किया जाएगा, क्योंकि ये देश का कानून है.”
शाह ने आगे कहा कि अगले विधानसभा चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनाने के लिए काम करना है. बीजेपी सरकार का मतलब घुसपैठ और गाय तस्करी को खत्म करना होगा और CAA के माध्यम से धार्मिक रूप से सताए लोगों को नागरिकता प्रदान करना होगा.
जानकारी के लिए बता दें कि बीजेपी ने साल 2019 के आम चुनाव में राज्य में 42 में से 18 सीटें जीती थीं. पार्टी अब 2026 के विधानसभा चुनाव में TMC को कड़ी टक्कर देने की तैयारी कर रही है. पार्टी की ओर से कहा गया कि इस बार मतदाताओं तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया सबसे जरूरी प्लेटफॉर्म होगा और पार्टी इसका इस्तेमाल करेगी.
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