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अमित शाह के आरक्षण वाले फर्जी वीडियो पर ये मुख्यमंत्री तलब हो गए

फर्जी वीडियो मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय और बीजेपी की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने 28 अप्रैल को केस दर्ज किया था.

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29 अप्रैल 2024 (अपडेटेड: 29 अप्रैल 2024, 05:35 PM IST)
Amit shah doctored video
अमित शाह का एडिटेड वीडियो वायरल है. (फोटो- पीटीआई)
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गृह मंत्री अमित शाह के एडिटेड वीडियो मामले में दिल्ली पुलिस ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को समन जारी किया है. रेड्डी को दिल्ली पुलिस के सामने 1 मई को पूछताछ के लिए पहुंचना है. दिल्ली पुलिस ने 28 अप्रैल को अमित शाह का एडिटेड वीडियो वायरल होने के बाद एक केस दर्ज किया था. इस फर्जी वीडियो में शाह कहते नजर आ रहे हैं कि भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षण खत्म कर देगी. हालांकि तेलंगाना की एक रैली में दिए गए भाषण में अमित शाह ने कहा था कि बीजेपी मुस्लिमों के आरक्षण को खत्म करेगी.

इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि रेवंत रेड्डी के अलावा, कांग्रेस के कुछ नेताओं समेत 5 और लोगों को समन जारी किया किया गया है. इनमें वे लोग शामिल हैं, जिन्होंने इस फर्जी वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर किया. रेवंत रेड्डी को अपने मोबाइल फोन के साथ पेश होने को कहा गया है, जिससे उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो को शेयर किया. असम पुलिस ने भी इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है.

केंद्रीय गृह मंत्रालय और बीजेपी की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने 28 अप्रैल को एक केस दर्ज किया था. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के साइबर विंग IFSO यूनिट ने ये FIR दर्ज की है. मामले में IPC की धारा 153 (धर्म, जाति, समूह के आधार पर नफरत फैलाना), 153A, 465 (जालसाजी करना), 469 (नुकसान पहुंचाने के लिए जाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड पेश करना), 171-G (चुनाव के परिणामों को प्रभावित करने के लिए गलत बयान पेश करना) और IT एक्ट की धारा 66C (फ्रॉड के लिए पहचान की चोरी करना) के तहत केस दर्ज हुआ है.

तेलंगाना में मुस्लिमों को ओबीसी कैटगरी के भीतर शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 4 फीसदी आरक्षण मिल रहा है. मौजूदा चुनाव प्रचार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और दूसरे बीजेपी नेता इस आरक्षण को असंवैधानिक बता रहे हैं.

ये भी पढ़ें- अब इंदौर में हुआ 'खेला', कांग्रेस प्रत्याशी ने आखिरी दिन लिया नाम वापस, BJP में शामिल

हालांकि अमित शाह का जो वीडियो वायरल हुआ, वो 23 अप्रैल 2023 के एक भाषण को एडिट कर बनाया गया है. ये भाषण उन्होंने तेलंगाना के चेवेल्ला में दिया था. तब अमित शाह ने कहा था कि अगर भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी तो गैर-संवैधानिक मुस्लिम आरक्षण को वे समाप्त कर देंगे.

27 अप्रैल को बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी कांग्रेस पर फर्जी वीडियो फैलाने का आरोप लगाया था. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था, 

"तेलंगाना कांग्रेस एडिटेड वीडियो फैला रही है, जो पूरी तरह फर्जी है और इसके कारण बड़े स्तर पर हिंसा भी हो सकती है. अमित शाह ने धर्म के आधार पर मुस्लिमों को दिए जाने वाले असंवैधानिक आरक्षण को हटाने की बात कही थी, जो SC/ST और OBC आरक्षण को घटाकर दिया. इस फर्जी वीडियो को असमा तसलीम (तेलंगाना कांग्रेस की प्रवक्ता) समेत कई कांग्रेस प्रवक्ता पोस्ट कर रहे हैं. उन्हें कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहना चाहिए."

हालांकि इसके बावजूद कांग्रेस के नेताओं ने इस एडिटेड वीडियो को शेयर किया. 28 अप्रैल को झारखंड कांग्रेस के एक्स हैंडल से भी इस वीडियो को उसी फर्जी दावे के साथ शेयर किया गया. इस खबर को लिखे जाने तक झारखंड कांग्रेस ने इस वीडियो को हटाया नहीं है.

इससे पहले, 25 अप्रैल को रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया था कि BJP साल 2025 तक आरक्षण खत्म कर देगी. तेलंगाना में कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था कि बीजेपी अगर तीसरी बार चुनकर आएगी, तो 2025 तक एससी, एसटी, ओबीसी आरक्षण को खत्म कर देगी. रेड्डी ने कहा था कि कई बार, RSS और बीजेपी नेताओं ने आरक्षण के बारे में ऐसी टिप्पणियां की हैं.

वीडियो: 'हम आरक्षण के समर्थक हैं', राहुल के आरोपों पर अमित शाह और मोहन भागवत का जवाब

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